भोपालमध्य प्रदेश

कहीं परेशानी न बन जाये प्रदेश पुलिस के पदों को ज्यादा दिन तक खाली रखना, जल्द भर्ती की तैयारी में PHQ

भोपाल
प्रदेश पुलिस के कॉडर के पदों को ज्यादा दिन तक खाली रखना परेशानी भरा हो सकता है। बहुत ज्यादा समय तक खाली रहने वाले पदों को केंद्र वापस ले सकता है। इसलिए अब पुलिस मुख्यालय ऐसे सभी पदों को जल्द से जल्द भरने की तैयारी में हैं। इसमें सबसे ज्यादा पद डीआईजी के हैं जिन पर कोई पदस्थ नहीं हैं। इसके चलते ही कुछ पदों पर डीआईजी रैंक के अफसरों को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।

जून में आईपीएस का कॉडर रिव्यू हुआ है, इसमें 26 पद डीआईजी के लिए कॉडर के रूप में मिले हैं। इनमें से कई कॉडर पोस्ट पर डीआईजी पदस्थ नहीं हैं। दरअसल प्रदेश में डीआईजी रैंक के अफसरों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। इधर वर्ष 2009 बैच के आईपीएस अफसरों को एक जनवरी को डीआईजी के पद पर पदोन्नति मिलेगी। तब तक  कॉडर के कुछ पद 6 महीनें तक खाली रहने की संभावना है। इसके चलते ही हाल ही में भोपाल ग्रामीण डीआईजी का पद बतौर अतिरिक्त प्रभार में कृष्णावैनी देसावासु और कुमार सौरभ को चंबल रेंज का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

कहां पोस्टिंग, कहां खाली
डीआईजी के प्रदेश में 26 पद हैं, इनमें से अभी 22 पद भरे हुए हैं। हालांकि इनमें से कई पदों पर अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रशासन, सीआईडी, काउंटर इंटेलीजेंस, दूरसंचार, रतलाम, इंदौर ग्रामीण, उज्जैन, ग्वालियर, छतरपुर, सागर, जबलपुर, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर क्राइम इंदौर, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था इंदौर, रीवा, खरगौन,  बालाघाट, चंबल, भोपाल ग्रामीण, नर्मदापुरम, चयन, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था भोपाल, प्रबंध और एसएएफ के पद पर अफसर पदस्थ हैं। जबकि भोपाल में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर क्राइम का  पद  पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद से ही खाली है, वहीं शहडोल रेंज, अनुसूचित जाति कल्याण और योजना में डीआईजी का पद भी अभी खाली हैं।

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