रेपो रेट में कोई ​बदलाव नहीं, 6.50% पर बरकरार

बैंकों का कर्ज नहीं होगा महंगा

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं करने फैसला किया है। यह ब्याज दर 6.50% पर ही बनी रहेगी। यह लगातार तीसरा मौका है जब दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024 में महंगाई का अनुमान 5.1% से बढ़ाकर 5.4% कर दिया है। गवर्नर ने कहा कि सब्जियों की बढ़ती कीमतों के कारण जुलाई और अगस्त महीने में महंगाई बढ़ने की आशंका है। रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.5% पर बरकरार रखा है।

ईएमआई भी नहीं बढ़ेगी
आरबीआई के पास रेपो रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है तो, आरबीआई रेपो रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। रेपो रेट ज्यादा होगा तो बैंकों को आरबीआई से मिलेने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आरबीआई रेपो रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को आरबीआई से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है।

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