सीहोर की शान: शहीद स्थल पर अब 100 फीट की ऊंचाई पर लहराएगा तिरंगा, शहीदों की याद में बना नया कीर्तिमान

बुधवार को 356 अमर शहीदों को किए श्रद्धासुमन अर्पित

सीहोर। जिला मुख्यालय के सैकड़ाखेड़ी स्थित शहीद स्थल की पहचान अब दूर से ही होने लगेगी। मकर संक्रांति के ऐतिहासिक दिन सीहोर के उन 356 अमर शहीदों को सम्मान देने के लिए यहां 100 फीट ऊंचा विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया गया है। बुधवार को एक भव्य समारोह में इस गगनचुंबी तिरंगे का ध्वजारोहण किया गया, जो दूर से ही 356 अमर शहीदों के प्रति आस्था प्रकट करेगा।
बुधवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान जब 100 फीट की ऊंचाई पर तिरंगा लहराया तो पूरा शहीद स्थल भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। इस मौके पर विशेष रूप से मौजूद अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और विधायक सुदेश राय ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर लहराता हमारा राष्ट्रध्वज हर नागरिक को याद दिलाएगा कि हमारी आजादी की कीमत 356 क्रांतिकारियों का लहू है। यह तिरंगा अब दूर-दूर से लोगों को शहीद स्थल की ओर आकर्षित करेगा।
क्यों खास है यह ऊंचाई
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का उद्देश्य इस स्थल को एक प्रमुख हेरिटेज साइट के रूप में विकसित करना है। 100 फीट ऊंचे इस ध्वज स्तंभ को इस तरह लगाया गया है कि यह मुख्य मार्ग से ही दिखाई दे और युवा पीढ़ी में देशभक्ति का संचार करे।

श्रद्धांजलि और एकता का संगम
कलेक्टर बालागुरू के. और एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने तिरंगे को सलामी देते हुए कहा कि सीहोर का इतिहास हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। 14 जनवरी 1858 को जिन वीरों ने शहादत दी थी, यह 100 फीट ऊंचा ध्वज उन्हीं की महानता को समर्पित है। कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों और मकर संक्रांति के पतंग महोत्सव के बीच प्रशासन ने नगर पालिका के नए टोइंग वाहन को भी हरी झंडी दिखाई।

हर सीहोरवासी के लिए गर्व का पल
कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसपाल अरोरा, नरेश मेवाड़ा सहित कांग्रेस और भाजपा के कई दिग्गज नेता, स्कूली बच्चे और आम नागरिक गवाह बने। सभी ने एक स्वर में कहा कि सीहोर का यह जलियांवाला बाग अब अपनी नई पहचान (विशाल तिरंगे) के साथ पूरे प्रदेश में गौरव बढ़ाएगा।

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