2 अप्रैल 2026 से ये विस्फोटक योग, बता रहे हैं प्रख्यात मनोज्योतिषाचार्य सीएस पटाक

मंगल+शनि+सूर्य की युति : 23 फरवरी से मंगल राहु की युति से अंगार कारक योग बना हुआ था। 2 अप्रैल से मंगल राहु का साथ छोड़कर अब शनि के साथ युति करने जा रहे हैं वो भी वृहस्पति के मीन राशि में। 12 मई 2026 तक यह युति रहेगी। मंगल अग्नि तत्व है यह विस्फोट और युद्ध का कारक है। शनि वायु तत्व शनि की हवा मंगल की आग को और भयंकर बनाने का कार्य करेगी, वहीं 15 अप्रैल तक अग्नि तत्व सूर्य भी मंगल शनि के साथ रहेंगे। मीन राशि जल तत्व है। चूंकि यह युति गुरु की जल प्रधान राशि में हो रही है, इसलिए यहां आग, पानी, तेल और हवा का एक दुर्लभ संयोग बनेगा। 6 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच स्थिति और भी संवेदनशील हो जाएगी। इस दौरान मंगल और शनि दोनों एक ही ‘उत्तराभाद्रपद’ नक्षत्र में गोचर करेंगे। दो क्रूर और परस्पर शत्रु ग्रहों का एक ही राशि, एक ही नक्षत्र और एक ही डिग्री में होना वैश्विक शांति के लिए शुभ नहीं माना जाता। यह स्थिति आक्रामक घटनाओं में वृद्धि की ओर इशारा करती है। उर्जा, साहस, निर्णय क्षमता में बदलाव आएगा। मिथुन-कन्या-तुला राशि लग्न का धैर्य कम हो सकता है। चिड़चिड़ापन बढ सकता है। मीन राशि लग्न के लोग धैर्य खो सकते हैं। क्रोध बढ़ सकता है।

ये भी बनेगी स्थिति
संभावित बड़ी वैश्विक घटनाएं दो राष्ट्रों के बीच चल रहा तनाव युद्ध में बदल सकता है, विशेषकर समुद्री क्षेत्रों में संघर्ष की प्रबल संभावना है। समाज में असुरक्षा का भाव पैदा होगा। सरकार की नीतियों के विरुद्ध जनता में भारी आक्रोश देखने को मिलेगा, जिससे कई देशों में आंतरिक विद्रोह या उपद्रव जैसी स्थितियां बनेंगी। आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बेकाबू हो सकती हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ेंगी। औद्योगिक क्षेत्र में भारी मंदी का खतरा मंडराएगा। इससे न केवल उद्योगों का विकास रुकेगा, बल्कि कर्मचारियों की नौकरियों पर भी संकट आ सकता है, जिससे आर्थिक ढांचा कमजोर होगा।

ये रहेगा इन राशियों पर प्रभाव –
मेष राशि : संभलकर चलना होगा। अनचाही यात्राएं थकान बढ़ा सकती हैं, इसलिए केवल तीर्थ यात्रा का ही मन बनाएं। सेहत और विवादों के मामले में यह समय थोड़ा कठिन है, खुद को शांत रखें।

वृषभ राशि : 11वें भाव (लाभ स्थान) में यह योग आपके लिए खुशियां ला सकता है। आय के नए स्रोत खुलेंगे और धन की आवक बढ़ेगी, हालांकि खर्चों पर लगाम कसनी होगी। पिता और संतान की जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं।

मिथुन राशि : कार्यक्षेत्र में सावधानी। 10वें भाव (कर्म स्थान) में ग्रहों की यह जंग नौकरी में अनचाहे तबादले या ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार बना सकती है। व्यापार में कोई भी बड़ा रिस्क न लें और निवेश से फिलहाल दूरी बनाए रखें।

कर्क राशि : पराक्रम से मिलेगी विजय। 9वें भाव (भाग्य स्थान) में यह युति आपके लिए शुभ संकेत दे रही है। भाग्य का साथ मिलेगा और आपकी मेहनत रंग लाएगी। बस ध्यान रहे कि अधिकारियों और पिता के साथ संबंधों में कड़वाहट न आने दें।

सिंह राशि : सतर्कता ही बचाव है। 8वें भाव में बन रहा यह योग बीमारी और कर्ज की समस्याएं खड़ी कर सकता है। कार्यस्थल पर वाद-विवाद से बचें, वरना स्थान परिवर्तन की नौबत आ सकती है। सेहत को प्राथमिकता दें।

कन्या राशि : रिश्तों की परीक्षा। 7वें भाव (साझेदारी और दांपत्य) में यह युति तनाव बढ़ा सकती है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ तालमेल बिठाने में समझदारी दिखाएं। नया निवेश करने के लिए यह समय सही नहीं है।

तुला राशि : संकटों से मिलेगी मुक्ति। 6वें भाव में यह योग आपके लिए बेहद शुभ है। पुराने रोगों से छुटकारा मिलेगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और कर्ज का बोझ भी कम होगा। करियर में तरक्की के द्वार खुलेंगे।

वृश्चिक राशि : भावनाओं पर रखें काबू। 5वें भाव में ग्रहों की यह स्थिति धन लाभ और करियर में सफलता दिलाएगी। हालांकि, बच्चों को लेकर मन में थोड़ी चिंता रह सकती है। कोई भी फैसला भावुक होकर न लें, व्यावहारिक बनें। यह समय आपके लिए शुभ है।

धनु राशि : घरेलू मोर्चे पर शांति रखें। 4थे भाव में पाप ग्रहों का बैठना सुख-शांति में खलल डाल सकता है। वाहन सावधानी से चलाएं और घर में अग्नि से बचाव के इंतजाम रखें। साझेदारी के कामों में नुकसान की आशंका है।

मकर राशि : कर्म ही प्रधान है। तीसरे भाव में यह युति आपको नए व्यापारिक अवसर देगी। यदि फैक्ट्री या दुकान शुरू करना चाहते हैं, तो समय अनुकूल है। भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय अपनी मेहनत पर यकीन करें, सफलता कदम चूमेगी।

कुंभ राशि : शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। दूसरे भाव (वाणी और धन) में यह गोचर आपकी बातों से विवाद पैदा कर सकता है। परिवार में विनम्र रहें। करियर के लिए समय अच्छा है और धन लाभ भी होगा, लेकिन हाथ से पैसा रेत की तरह फिसल सकता है।

मीन राशि : खुद का रखें ख्याल। आपकी अपनी राशि (प्रथम भाव) में यह युति उत्साह तो देगी, लेकिन इसे उन्माद न बनने दें। चोट-चपेट या झगड़े की संभावना है। जीवन के बड़े फैसले बहुत सोच-समझकर ही लें।

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