
ग्वालियर
एयरफोर्स उड़ान और बमबारी का अभ्यास जल्द नए क्षेत्र में करेगा। यह एक हजार हेक्टेयर का जंगल क्षेत्र है, जो डबरा से लेकर रतनगढ़ माता मंदिर तक है। इससे पहले डबरा के गिजाेर्रा स्थित जिगनिया गांव में 42 एकड़ जमीन एयरफोर्स ने हवाई अभ्यास के लिए ली थी। अब इसी दायरे को और बढ़ाकर 1000 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन में अभ्यास का प्लान बनाया है। एयरफोर्स ने जो एक हजार हेक्टेयर जमीन मांगी है वह खुद की होने का दावा किया है। मौजूदा स्थिति में यह जमीन वन विभाग की है और शासकीय खसरे में भी दर्ज है। एयरफोर्स अफसरों ने यह जमीन भारतीय सेना से मिलना बताया है, लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई रिकार्ड सामने नहीं आया है। हाल ही में एयरफोर्स,प्रशासन व वन विभाग के उच्च अफसरों के बीच हुई बैठक में यह जानकारी साझा की गई। प्रशासन के अनुसार यह जमीन आवंटित हो सकती है, लेकिन इसमें गांव से लेकर अन्य काफी चीजें हैं, जिन्हें हटाया नहीं जा सकता है।
देश के दूसरे सबसे बड़े एयरबेस में ग्वालियर शुमार है। यहां हवाई अभ्यास का उड़ान क्षेत्र सीमित है। इसी को बढ़ाने के लिए एयरफोर्स ने डबरा के गिजाेर्रा स्थिति जिगनिया गांव में जमीन ली थी, इस जमीन के सीमांकन के दौरान काफी समस्याएं आई थीं। पांच साल पहले से यह कवायद चल रही थी, जो अभी कुछ समय पहले ही खत्म हुई है। अब एयरफोर्स को और बड़ा क्षेत्र चाहिए। इस बार यह एक हजार हेक्टेयर का क्षेत्र एक बड़ा उड़ान क्षेत्र होगा और यहां बमबारी का भी अभ्यास किया जा सकेगा।