हनुमान जयंती: जगह-जगह हुए भंडारे, सुंदरकांड के पाठ, लगी रही मंदिरों में भीड़, निकली शोभायात्राएं

सीहोर। जिलेभर में हनुमान प्रकट्ोत्सव की धूम रही। हनुमान जयंती के अवसर पर जहां जगह-जगह भंडारों का आयोजन हुआ तो वहीं मंदिरों में सुंदरकांड के आयोजन भी हुए। सुबह से ही मंदिरों में भीड़ लगने लगीं। शाम को सीहोर, आष्टा, बुधनी, रेहटी, भैरूंदा सहित कई अन्य स्थानों पर शोभायात्राएं भी निकाली गईं। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इधर कुबेरेश्वर धाम पर स्वर्ण मिश्रित सिदूंरी चोले से कंचन वरण श्रृंगार किया गया। 501 भक्तों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया एवं पांच क्विंटल खीर का भोग भी लगाया।
हनुमान जयंती के अवसर पर ब्रम्ह मुहुर्त में लोग हनुमान मंदिर पहुंचे और दर्शन किए। इस दौरान जगह-जगह हनुमानजी के भंडारों का आयोजन भी हुआ। कई मंदिरों में अखंड रामायण का पाठ हुआ तो वहीं कई स्थानों पर सुंदरकांड किया गया। जिले की रेहटी तहसील के इटावा में महायज्ञ का आयोजन किया गया। हनुमान जयंती के अवसर पर यहां पर महायज्ञ का समापन हुआ तो वहीं प्रसादी का वितरण भी किया गया। सीहोर के हनुमान फाटक सहित अन्य मंदिरों में साज-सज्जा की गई तो वहीं हनुमान का विशेष श्रृंगार किया गया। दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा।
स्वर्ण मिश्रित सिंदूरी चोले से हुआ कंचन वरण श्रृंगार –
सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर हनुमान प्रकटोत्सव पर्व भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस मौके पर पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य ने भगवान का अभिषेक किया, साथ ही स्वर्ण मिश्रित सिंदूरी चोले से कंचन वरण श्रृंगार किया गया। यहां पर जारी विशाल भंडारे में पांच क्विंटल खीर का भोग लगाकर श्रद्धालुओं को भोजन के साथ प्रसादी का वितरण किया। समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि हनुमान की पूजा से आत्मबल, साहस और संकट से उबरने की शक्ति मिलती है। इनकी आराधना से व्यक्ति को आत्मविश्वास, निर्भीकता और मानसिक शक्ति की प्राप्ति होती है। हनुमान प्रकटोत्सव पर हनुमानजी की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है।

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