बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब दोगुनी चुनौती, बीमारी फैलने का खतरा, गंदगी भी पसरी, फसलें भी हुई बर्बाद

कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने दिए सफाई एवं दवा छिड़काव कराने के निर्देश, किसानों की फसलों का भी कराया जाएगा सर्वे

सुमित शर्मा, सीहोर
9425665690
मूसलाधार बारिश के बाद अब प्रशासन के सामने दोगुनी चुनौती खड़ी हो गई है। एक तरफ जहां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियां फैलने का खतरा मंडराने लगा है तो वहीं इन क्षेत्रों में जमकर गंदगी भी पसर गई है। बारिश के कारण जहां लोगों के घरों में रखा सामान खराब हो गया है, कच्चे मकान ढह गए हैं तो वहीं किसानों की फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देशित भी किया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को दवा छिड़काव कराने के निर्देश देते हुए मुस्तैद रहने को कहा गया है तो वहीं साफ-सफाई को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं।
लगातार बारिश के कारण सीहोर जिले में बाढ़ के हालात बन गए थे। नर्मदा किनारे बसे गांवों के अलावा सीहोर की सीवन नदी, पार्वती नदी सहित अन्य नदी एवं नाले भी उफान पर रहे। इसके कारण जहां लोगों के घरों तक में पानी पहुंच गया तो वहीं किसानों के खेतों में जलभराव हो गया। इसके कारण किसानों की सोयाबीन, मक्का, उड़द सहित अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों के खेतों में बने मकान भी ढह गए। अब किसानों के सामने जहां चिंताएं ही चिंताएं हैं तो वहीं प्रशासन के सामने भी दोगुनी चुनौती है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में करें सफाई एवं दवा का छिड़काव-
बारिश के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में जमकर गंदगी पसर गई है। वहीं अब इन क्षेत्रों में बीमारियों का भी खतरा है। इसको लेकर कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने सफाई तथा दवा का छिड़काव कराने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही बारिश में पानी के तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों तथा पुल-पुलियों एवं आवागमन के लिए मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी क्षतिग्रस्त मकानों, पुल-पुलियों, सड़क मार्गों की जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने के सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कलेक्टर श्री ठाकुर ने बारिश के बाद जिन नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल एवं विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है, उन क्षेत्रों में जल एवं बिजली आपूर्ति शीघ्र सुचारू करने के निर्देश दिए।
बारिश के बाद बढ़ा इन बीमारियों का खतरा-
लगातार बारिश के बाद अब कई बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। दरअसल बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जहां जलभराव होने से गंदगी पसर गई तो वहीं मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। इसके कारण लोग बीमार भी होने लगे हैं। मच्छरों के काटने से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा होने लगा है तो वहीं अन्य मच्छरजनित बीमारियों से भी बचाव के लिए जिले में निरंतर घर-घर सर्वे एवं जन-जागरूगता कार्य किया जा रहा है।
ये लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं-
यदि किसी को बुखार, खांसी सहित अन्य प्रकार की बीमारियों के लक्षण नजर आए तो इसके लिए तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने एडवायजरी भी जारी की है, ताकि समय से लोगों को इलाज मिल सके। एडवायजरी में बताया गया है कि डेंगू बुखार तीन प्रकार के होते हैं। साधारण डेंगू बुखार, डेंगू हेनरेजिक बुखार, डेंगू शॉक सिन्ड्रोम। यदि डेंगू हेमरेजिक बुखार, डेंगू शॉक सिंड्रोम का तुरंत उपचार शुरू नहीं किया जाता है तो वे जानलेवा सिद्ध हो सकते हैं। चिकिनगुनिया भी एडिज मच्छर से होने वाली बीमारी है। मच्छर को पनपने से रोकना एवं मच्छरों से बचाना इन बीमारियों से बचने का सबसे आसान उपाय है। पानी के भराव को रोकना, आसपास के परिवेश में स्वच्छता का निर्माण, मच्छरदानी का उपयोग इत्यादि बेहद सरल उपाय हैं जो कि मच्छरों से एवं उनसे होने वाली बीमारियों से बचाव कर सकता है।
इनका कहना है-
बारिश के कारण बाढ़ आने से जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं उनका सर्वे कराकर आंकलन कराया जाएगा। जहां-जहां भी बारिश की बाढ़ से नुकसान हुआ है उनका भी सर्वे कराया जाएगा। फिलहाल प्रशासन एवं राजस्व की टीम बारिश के बाद बनी स्थिति को लेकर बचाव कार्य में जुटी हुई है।
– राधेश्याम बघेल, एसडीएम, बुदनी

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