आष्टासीहोर

देवबड़ला में 16 फरवरी से शुरू हुआ मेला

आष्टा। मां नेवज नदी के उद्गम स्थल व पुरातात्विक धरोहर देवांचल धाम देवबड़ला बिलपान में 16 फरवरी से तीन दिवसीय मेला प्रारंभ हुआ। मंदिर समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह भगतजी व कुंवर विजेंद्र सिंह भाटी ने बताया प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन सुबह 9 बजे बिल्केश्वर महादेव का अभिषेक, पूजन होगा व वह प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 तक शिव कथा व प्रवचन होगा एवं महाशिवरात्रि के दिन दिनांक 18 फरवरी शनिवार दोपहर 3 बजे महाआरती एवं महाप्रसादी का आयोजन होगा। अभिषेक कर्ता पं.ओम प्रकाश शर्मा पं.दिनेश शर्मा पं.गजानन आचार्य जी, प्रवचनकर्ता परम पूज्य पं. बांकेबिहारी महाराज श्रीधाम आगर मालवा म.प्र. के मुखारविंद से होगा। दिनांक 17 फरवरी दिन शुक्रवार को रात्रि 8 बजे से देवनारायण की कथा का आयोजन प्रभुलाल पंडा मगरिया वाले के मुखारविंद से होगा। समस्त शिवभक्त एवं धर्म प्रेमी मात, बहनें पधारकर धर्म का लाभ ले और अपने जीवन को धन्य करें। देवबड़ला पहुंचने के लिए प्रथम मार्ग मेहतवाड़ा से बिलपान होते हुए। दूसरा मार्ग सरदर्दी से पारदी खेड़ा होते हुए एवं तीसरा मार्ग पिलवानी से चौबारा जागीर भट्ट कुंड होते हुए मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। दुकानदार बंधु अपना उड़ने व बिछाने का सामान साथ लेकर आए। आयोजक संयोजक मेला समिति बिलपान एवं समस्त क्षेत्रवासी समिति रहती है। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह भगत व कुंवर विजेंद्र सिंह भाटी, फतेह सिंह चौबारा, लखन सिंह, वीरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, पुजारी ओम गिरी, संतोष गिरी, बिजेंन गिरी, पं. गजानन आचार्य, योगेंद्र सिंह, कृष्णपाल, महेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, उदय सिंह, संजय सिंह, राहुल सिंह, पिंटू, अरविंद सिंह, सचिन सिंह, संदीप सिंह, भारत सिंह, जितेंद्र सिंह, बंटी, मानसिंह, लोकेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, सोनू आदि मौजूद रहे।

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