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जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री की पांच माह पहले अनुमति समाप्त हुई, फिर भी धड़ल्ले से हो रहा उत्पादन

मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 31 दिसंबर 2022 को समाप्त कर दी गई अनुमति, नवीनीकरण आवेदन कोे भी 26 अप्रैल 2023 को किया निरस्त

सुमित शर्मा
सीहोर जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव पिपलियामीरा मेें संचालित जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट प्रा. लि. की अनुमति मध्यप्रदेश नियंत्रण बोेर्ड द्वारा 31 दिसंबर 2022 को समाप्त कर दी गई। इसके बाद पनीर फैक्ट्री का नवीनीकरण आदेश भी 26 अप्रैल 2023 को निरस्त कर दिया गया। पांच माह सेे बिना अनुमति केे ही पनीर फैक्ट्री का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इधर पिपलियामीरा, चंदेरी सहित अन्य गांवों के ग्रामीणोें ने पनीर फैक्ट्री प्रबंधन केे खिलाफ एफआईआर दर्ज करनेे की मांग की हैै।
जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री की कारस्तानी लगातार जारी है। पनीर फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा नियमों कोे ठेंगा दिखातेे हुए उत्पादन किया जा रहा है। जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री की मनमानी एवं शिकायतों के बाद एसडीएम सीहोेर अमन मिश्रा द्वारा क्षेत्रीय अधिकारी मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोेर्ड कोे पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोेर्ड द्वारा 1 मई 2023 को अवगत कराया गया है कि मेेसर्स जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट प्रा. लि. ग्राम पिपलियामीरा को मिल्क आधारित उत्पाद निर्माण हेतु जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 25-26 एवं वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 21 के तहत सशर्त अनुमति प्रदान की गई थी। अनुमति की वैधता 31 दिसंबर 2022 तक थी। इसके बाद जयश्री गायत्री फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा उद्योेग का सम्मति नवीनीकरण आवेेदन भी दिया गया, लेकिन नियमों के तहत फैक्ट्री संचालन नहीं करने पर 26 अप्रैल 2023 को नवीनीकरण आवेदन को भी निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद भी जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री द्वारा लगातार उत्पादन किया जा रहा है एवं विदेशों तक मेें यहां सेे उत्पादों को भेेजा जा रहा है।
पनीर फैक्ट्री भगवानपुरा तालाब कोे भी कर रही दूषित-
सीहोेर की एक बड़ी आबादी को भगवानपुरा तालाब से पेयजल प्रदाय किया जाता है, लेकिन जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री की मनमानी एवं कारस्तानी केे कारण भगवानपुरा तालाब का जल भी दूषित होे रहा है। मध्यप्रदेश नियंत्रण बोेर्ड सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ एवं अन्य अधिकारी भी अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख कर चुके हैैं कि जयश्री गायत्री फूड द्वारा फैक्ट्री से कैमिकलयुक्त पानी निकालकर भगवानपुरा तालाब सहित आसपास के किसानोें एवं जलस्त्रोतोें को भी दूषित कर रहा है। फैक्ट्री का दूषित जल भगवानपुरा तालाब में छोेड़ा जा रहा है। इसके कारण तालाब भी अब जहरीला होने लगा है। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोेर्ड ने फैक्ट्री प्रबंधन को निर्देश भी दिए हैं कि वे तय मापदंडोें का पालन अनिवार्य रूप से करें, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा बिना अनुमति केे एवं मनमाने तरीकेे सेे फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है। जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री जिला प्रशासन केे निर्देशोें की भी अवहेेलना लगातार कर रहा है।

 

 

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