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आनंद और सुख के समुद्र है हमारे भगवान श्री राम : उद्धवदास जी महाराज

विष्वनाथ पुरी में संगीतमयी नौ दिवसीय श्री रामकथा का चैथा दिन

सीहोर। पूरे संसार में आज हर कोई सुख की चाह रखता है, सारे प्रयास सुख प्राप्त करने के लिए ही होते हैं, पूरा जीवन सुख की तलाष में निकल जाता है लेकिन मायिक सुखों को ही ढूंढते रहते हैं जबकि हमारे भगवान श्री राम आनंद और सुख के समुद्र हैं। संसार मंे जितने भी सुख हैं वो भगवान के सामीप्य सुख का एक कण मात्र हैं। यदि हमारी श्रीराम नाम से प्रीति हो जाए तो हमें सुख के लिए कहीं भटकना नहीं पडेगा, क्योंकि जहां से सुखों की उत्पत्ति होती है जहां सारे सुख समाए हुए हैं उन भगवान के सामीप्य से हमें सारे सुखों की वैसे ही प्राप्ति हो जाएगी जैसे सारी नदियां समुद्र में बिना बुलाए ही जाकर समा जाती हैं।
उक्त आषय के उदगार सुप्रसिद्ध श्री रामकथा वाचक श्रीश्री 1008 महंत श्री उद्धवदास जी त्यागी महाराज श्रीराम कुटी आश्रम सीहोर ने शहर के सीवन स्काई सिटी के नजदीक विष्वनाथपुरी में स्थित प्रसिद्ध श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर शनिवार से नौ दिवसीय संगीतमयी श्री रामकथा के चैथे दिवस बडी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को रामरस में सराबोर करते हुए व्यक्त किए। महाराजश्री ने कहा काल हमारे उपर मंडरा रहा है आजकल न जाने किसको बुलावा आ जाए, जैसे हम समुद्र का एक तट देख सकते हैं लेकिन दूसरा तट हमें नहीं दिखता, ठीक वैसे ही हमें अपनी मृत्यु की तिथि नहीं पता, हम यह सोचते हैं कि बुढापे में भगवान का भजन करेंगे या सारी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर भक्ति करेंगे तो ऐसा नहीं हो पाता क्योंकि हमें नहीं पता कि हमें बुढापा आएगा भी या नहीं। इसलिए अभी से भगवान के नाम धर को कमाना शुरू कर देें। उन्होंने कहा कि सांसारिक धन तो यही रह जाता है  लेकिन रामनाम धन यदि आपने कमाया है तो मृत्यु के पष्चात भी आपके साथ जाता है। राम नाम धन कमाने के बाद हमारी मृत्यु भी शुभ हो जाएगी। महाराजश्री ने कथा में भगवान के बालचरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि आजकल बच्चों को सही संस्कार देने चाहिए और उन्हें धर्म से जोडा जाना चाहिए जिससे वे आधुनिक समय में अपने जीवन मूल्य को समझ सकें और किसी कुमार्ग पर चलने से बच जाए। उन्होंने कहा कि अपनी सुमधुर वाणी में महाराज जी ने कई भजन सुनाए जिन्हें सुनकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। महाराज श्री के साथ संगीत टीम में सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री विषाल व्यास, सहित उनके संगीतज्ञ साथीगण विजेन्द्र मेवाडा, कमलेष, सचिन एवं शुभम नायक ने श्रीराम कथा के दौरान अपने हुनर से श्रद्धालुओं को आनंदित किया।
उल्लेखनीय है कि प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी गत 13 अप्रैल शनिवार से 21 अप्रैल रविवार तक प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से 11 बजे तक नौ दिवसीय श्री रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा में शहर श्री उद्धवदास जी त्यागी महाराज श्रीराम कुटी त्यागी आश्रम सीहोर द्वारा सभी भगवत जनों को रामकथा की रसास्वादन कराया जा रहा है। कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष पद श्री अमित नीखरा मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री अनारसिंह चैहान, संरक्षक श्री कमलसिंह ठाकुर, पं. ओमप्रकाष शर्मा, एमएस परमार, मुकेष भावसार, इन्द्रजीतसिंह, महेन्द्रसिंह चैहान, गोपालदास अग्रवाल, भानुप्रसाद गौर, राहुल वर्मा, कथा आयोजन समिति के उपाध्यक्ष पंकज ठाकुर, संतोष परमार, सुमित गिरोेंदिया, सचिव मोहब्बतसिंह तोमर, कोषाध्यक्ष किषन राठौर, आनंद अग्रवाल, शुभम मालवीय, मुकेष प्रजापति ,मनोज दुबे, नीरज ठाकुर, संतोष दरबार आदि अनेक समिति सदस्यों ने सभी धर्मप्रेमी जनों से अधिक से अधिक संख्या में श्रीराम कथा में सम्मिलित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है। कथा समापन के अगले दिन श्री हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में अखंड रामायण का पाठ भी किया जाएगा जो 22 अप्रैल को प्रातः प्रारंभ होगा एवं 23 अप्रैल को समापन पष्चात हवन किया जाएगा। इसके साथ ही सायंकाल विषाल भण्डारे का आयोजन किया जाएगा।

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