सीहोर में कानून का खौफा: बीते साल के मुकाबले 2025 में अपराधियों पर कसी नकेल
हत्या और लूट की वारदातों में आई गिरावट

सीहोर। जिला अब पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है। पुलिस द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि खाकी की मुस्तैदी के आगे अपराधी पस्त हुए हैं। साल 2024 के मुकाबले 2025 में जिले के कुल अपराधों में न केवल कमी आई है, बल्कि हत्या, लूट और महिला अपराधों जैसे गंभीर मामलों का ग्राफ भी तेजी से नीचे गिरा है। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और प्रभावी गश्त के कारण पिछले एक साल में सुरक्षित वातावरण तैयार हुआ है।
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में हत्या के मामलों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। जहां 2024 में 25 हत्याएं हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 21 रह गई। इसी तरह जानलेवा हमलों के मामलों में भी 21 प्रतिशत का सुधार देखा गया है और इस साल केवल 30 ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं।
महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान
महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साल 2025 में दुष्कर्म के मामलों में 18 प्रतिशत की गिरावट आई। पिछले साल दर्ज 200 मामलों के मुकाबले इस साल 163 घटनाएं दर्ज हुईं। एसपी का कहना है कि आरोपियों की जल्द धरपकड़ और सख्त विवेचना के कारण इन अपराधों पर अंकुश लगा है।
लूट और चोरी में भी कमी
पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि लूट के मामलों में रही, जहां सीधे 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। 2024 में हुई 20 लूट की घटनाओं के मुकाबले इस साल मात्र 10 घटनाएं हुईं। चोरी के मामलों में भी 12 प्रतिशत का सुधार हुआ है।
सुरक्षित सीहोर की ओर बढ़ते कदम
पूरे जिले के कुल अपराधों की बात करें तो साल 2024 में 5614 मामले दर्ज थे, जो 2025 में कम होकर 5454 रह गए। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि तकनीकी संसाधनों का बढ़ता उपयोग और पुलिस कर्मियों की सक्रियता इस सुधार की मुख्य वजह है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता रहेगी।



