Newsआष्टाइछावरजावरधर्मनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

नर्मदा किनारे भक्ति का सैलाब, 6 साल से केवल जल पर जीवित दादा गुरु पहुंचे छीपानेर, 1300 भक्तों संग दे रहे स्वच्छता का संदेश

आज नीलकंठ घाट के लिए किया प्रस्थान

सीहोर। मां नर्मदा के तट पर इन दिनों श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। अपनी कठिन साधना के लिए प्रसिद्ध सिद्ध महायोगी दादा गुरु महाराज (समर्थ भैया जी सरकार) अपनी चौथी नर्मदा परिक्रमा के दौरान 1300 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ छीपानेर पहुंचे। इस यात्रा की सबसे खास बात दादा गुरु की वह साधना है जो आधुनिक विज्ञान के लिए भी किसी पहेली से कम नहीं है।
बता दें दादा गुरु महाराज पिछले 6 वर्षों (लगभग 1800 दिन) से पूरी तरह निराहार हैं। वे अन्न या फल का सेवन नहीं करतेए बल्कि पूरे दिन में केवल एक बार नर्मदा जल ग्रहण कर अपनी यात्रा और साधना जारी रखे हुए हैं। उनकी इस योग शक्ति को देखकर जहां वैज्ञानिक हैरान हैं, वहीं भक्त इसे मां नर्मदा की असीम कृपा मान रहे हैं।
सिर्फ धर्म नहीं, ‘धरती’ बचाने की भी यात्रा
5 नवंबर को ओंकारेश्वर से शुरू हुई यह परिक्रमा केवल आध्यात्मिक शांति तक सीमित नहीं है। दादा गुरु के नेतृत्व में 1300 परिक्रमावासी एक मिशन की तरह आगे बढ़ रहे हैं, जिसमें यात्रा मार्ग को कचरा मुक्त रखना। नर्मदा जल की शुद्धता बनाए रखने का संकल्प। ग्रामीणों को सफाई के प्रति जागरूक करना।
छीपानेर में हुआ जोरदार स्वागत
गुरुवार को जब यह यात्रा छीपानेर पहुंची तो पूरा तट नर्मदे हर के जयकारों से गूंज उठा। फूलों की वर्षा के साथ दादाजी आश्रम पर भक्तों का स्वागत किया गया। रात में भव्य नर्मदा आरती हुई और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
आज नीलकंठ महादेव की ओर प्रस्थान
छीपानेर में रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार सुबह यह विशाल कारवां अपने अगले पड़ाव नीलकंठ महादेव के लिए रवाना हो गया है। नीलकंठ में भी दादा गुरु के सान्निध्य में विशेष सत्संग और आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button