कुबेरेश्वर धाम में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, 105 एकड़ में होगी वाहनों की पार्किंग

सीहोर। चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से शुरू होने वाले भव्य ‘रुद्राक्ष महोत्सव’ की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने इस बार एक विशाल मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसमें सबसे ज्यादा फोकस ट्रैफिक और पार्किंग मैनेजमेंट पर है।

भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन ने वाहनों को पार्क करने के लिए 105 एकड़ जमीन आरक्षित की है। इसमें से 100 एकड़ जमीन धाम के नजदीक निजी वाहनों के लिए होगी, जबकि हाईवे के किनारे 5 एकड़ जमीन पर केवल बसों की पार्किंग की जाएगी। ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए अमलाहा कट पॉइंट से डायवर्जन मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए कल राजधानी भोपाल से अफसर पहुंचे और बैठक की। बैठक की अध्यक्षता भोपाल संभाग के आयुक्त संजीव सिंह, पुलिस महानिरीक्षक देहात जोन अभय सिंह और आईजी राजेश चंदेल ने की। बैठक में कलेक्टर प्रवीण सिंह, एसपी दीपक कुमार शुक्ला सहित विठ्ठलेश सेवा समिति के पदाधिकारी और पंडित प्रदीप मिश्रा भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में कोई कसर नहीं रहनी चाहिए।

रुद्राक्ष वितरण को लेकर बड़ा फैसला
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए विठ्ठलेश सेवा समिति ने एक बड़ा निर्णय लिया है। 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष का वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। समिति ने इस संबंध में लिखित पत्र प्रशासन को सौंप दिया है ताकि महोत्सव के दौरान केवल कथा और दर्शन पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
ट्रैफिक और पार्किंग के लिए 105 एकड़ जमीन
पार्किंग: समिति धाम के पास 100 एकड़ जमीन गाडिय़ों की पार्किंग के लिए देगी।
बसें: हाईवे के किनारे 5 एकड़ जमीन बसों के लिए अलग से आरक्षित रहेगी।
सडक़ चौड़ीकरण: अमलाहा कट पॉइंट से डायवर्जन मार्ग का अतिक्रमण हटाकर उसे चौड़ा किया जाएगा ताकि वाहनों की आवाजाही आसान हो।
सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष कॉरिडोर
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन एक विशेष कॉरिडोर बनाएगा। इससे न केवल श्रद्धालु आसानी से आ-जा सकेंगे, बल्कि किसी आपात स्थिति में एम्बुलेंस, पुलिस बल और वालंटियर्स धाम के हर हिस्से तक तुरंत पहुंच सकेंगे। पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी और वॉच टावरों से की जाएगी। साथ ही एक कंट्रोल रूम और खोया-पाया केंद्र भी बनाया जाएगा।
अन्य प्रमुख व्यवस्थाएं
भोजन: प्रसादी वितरण के लिए 3 अलग कतारें होंगी। खाने की क्वालिटी की समय-समय पर जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य: धाम परिसर में मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार केंद्र की 24 घंटे उपलब्धता रहेगी।
नेटवर्क: मोबाइल सिग्नल की समस्या न हो, इसके लिए अतिरिक्त मोबाइल टावर और बेहतर इंटरनेट की व्यवस्था की जाएगी।
सुविधाएं: पेयजल के लिए अस्थायी जल स्रोत, साफ सुथरे शौचालय और रात के लिए पर्याप्त रोशनी का प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के बाद कमिश्नर और आईजी ने कुबेरेश्वर धाम के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया और समिति को सभी काम समय पर पूरे करने की हिदायत दी। इस दौरान जिले के तमाम विभागों के अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।



