चंदेरी में आस्था का सैलाब, पंडाओं ने हथेलियों पर दहकाए अंगारे, चमत्कार देख नतमस्तक हुए श्रद्धालु

सीहोर। विज्ञान के इस आधुनिक युग में जहाँ दुनिया चांद तक पहुँच गई है, वहीं आस्था और अटूट विश्वास की जड़े आज भी ग्रामीण अंचलों में बहुत गहरी हैं। इसका जीवंत उदाहरण जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम चंदेरी में देखने को मिला, जहां देवधर्मी की गादी पर आयोजित धार्मिक समागम में आस्था का महाकुंभ उमड़ पड़ा। यहां देवताओं के कथित चमत्कारों को देखने के लिए सीहोर के अलावा भोपाल और शाजापुर जिले से भी हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ा।
चंदेरी में आयोजित इस दरबार में विभिन्न स्थानों से आए 30 से अधिक पंडा शामिल हुए। श्रद्धालुओं के बीच उस समय हैरत और भक्ति का माहौल बन गया जब पंडाओं के शरीर में देवताओं का अवतरण हुआ। किसी पंडा ने अपनी हथेली पर दहकते हुए अंगारे रखे तो किसी ने हाथ पर जलती ज्योति रखकर नृत्य किया। इन दृश्यों को देखकर वहां मौजूद हजारों लोग भाव-विभोर हो उठे और पूरा परिसर जय माता दी और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
तीन जिलों से आई जनता, चमत्कारों का दावा
समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने सभी पंडाओं का पुष्पहार और शॉल पहनाकर भव्य स्वागत किया और देवताओं से आशीर्वाद लिया। श्री मेवाड़ा ने बताया कि चंदेरी के इतिहास में यह पहली बार है जब तीन जिलों की जनता इतनी बड़ी संख्या में यहां एकत्रित हुई है। प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक चलने वाले इस दरबार में लोग अपनी मन्नतें लेकर पहुँच रहे हैं। श्रद्धालुओं का दावा है कि यहां आने से पुरानी बीमारियां, पारिवारिक कलह और आपसी विवादों का चमत्कारी समाधान हो रहा है।
विश्वास और सामंजस्य की मिसाल
दरबार में आए स्थानीय निवासी गोपाल सिंह ने बताया कि उनका लंबे समय से कुछ लोगों के साथ विवाद चल रहा था, जो यहां दर्शन करने और देवधर्मी की गादी पर आने के बाद आपसी सामंजस्य से सुलझ गया।



