सहस्त्र चंडी महायज्ञ में 2 लाख भक्तों ने लगाई परिक्रमा

सीहोर। संयुक्त मां कालका उत्सव समिति के तत्वाधान में करोली माता मंदिर में चल रहे इस 10 दिवसीय आयोजन के छठे दिन तक 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कीए वहीं 1 लाख से ज्यादा भक्त नगर भोज में शामिल होकर प्रसादी ग्रहण कर चुके हैं। शनिवार को कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने यज्ञशाला पहुंचकर आहुति दी और परिक्रमा की।
महायज्ञ में पहुंचे पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण का एक पवित्र संकल्प है। यज्ञ की अग्नि में दी जाने वाली हर आहुति विश्व में शांति, सद्भावना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए समिति और नगरवासियों की सराहना की। शनिवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रवि मालवीय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और महामंडलेश्वर अनिलानंद महाराज सहित अनेक संतों ने भी यज्ञशाला की परिक्रमा कर आशीर्वाद लिया।
मां कात्यायनी के स्वरूप की हुई आराधना
गुप्त नवरात्रि के छठे दिन यज्ञाचार्य पंडित महादेव शर्मा के सानिध्य में मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की गई। पंडित शर्मा ने बताया कि मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं। महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर मां ने उनके यहां पुत्री रूप में जन्म लिया था और महिषासुर जैसे राक्षसों का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया था। स्वर्ण के समान चमकते वर्ण वाली मां कात्यायनी की पूजा से साधक को आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है।
27 जनवरी को होगी पूर्णाहुति
मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया ने बताया कि माघ गुप्त नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस महायज्ञ में सुबह से देर रात तक मेले जैसा माहौल रहता है। महायज्ञ की पूर्णाहुति आगामी 27 जनवरी को होगी। शनिवार को आए संतों का स्वागत अध्यक्ष विवेक राठौर, मुख्य यजमान तरुण राठौर, पंडित हरि तिवारी, शैलेश तिवारी और अन्य समिति सदस्यों द्वारा किया गया।



