संघर्ष से प्राप्त सफलता स्वाभिमान जगाती है, अभिमान नहीं: पंडित राघव मिश्रा

सीहोर। नारी शक्ति महिला मंडल और मध्यप्रदेश अग्रवाल महासभा जिला इकाई के तत्वावधान में बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल पंचायती धर्मशाला में सात दिवसीय संगीतमय शिव महापुराण कथा जारी है। कथा के दौरान व्यास पीठ से पंडित राघव मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम और संघर्षों से प्राप्त सफलता व्यक्ति में स्वाभिमान पैदा करती है, अभिमान नहीं। उन्होंने कहा कि विनम्रता ही श्रेष्ठता की असली पहचान है।
पंडित मिश्रा ने एकाग्रता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सफलता के लिए मन का विचलित न होना अनिवार्य है, जो लोग अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट रहते हैंए वे ही इतिहास रचते हैं। उन्होंने श्रोताओं को समझाया कि कथा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मनोमंथन का माध्यम है। कथा सुनने के बाद आत्म.चिंतन करना चाहिए कि कौन सी बातें हमारे जीवन में उतारने योग्य हैं।
भक्ति और सत्संग से आत्म.शुद्धि
कथा में बताया गया कि शरीर की शुद्धि जल से और धन की शुद्धि दान से होती है, लेकिन आत्मा की शुद्धि केवल सत्संग से ही संभव है। मंदिर में दर्शन करने से भी बड़ी बात भगवान की भक्ति में रम जाना है। कथा में भगवान गणेश के विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। बीच.बीच में शिव भजनों पर श्रोता झूमते नजर आए।
श्रद्धालुओं को बांटे गए पौधे
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पंडित राघव मिश्रा ने उपस्थित जनसमूह से पौधारोपण की अपील की। नारी शक्ति महिला मंडल की ज्योति अग्रवाल और अंजू अग्रवाल ने बताया कि कथा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को पौधों का वितरण किया जा रहा है साथ ही उन्हें पौधा रोपने और उनकी देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लिया।



