दिल्ली में बैठे ‘मामा’ को दिखी दिव्यांग की पीड़ा, बेखबर रहे मंत्रीजी!

सीहोर। अपनी संवेदनशीलता के लिए पहचाने जाने वाले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक बार फिर मानवीय चेहरा सामने आया है। दिल्ली की व्यस्त राजनीति के बीच जब मामा शिवराज जब भोपाल से अमलाहा के लिए जा रहे थे, तब उन्हें इछावर विधानसभा क्षेत्र केक एक दिव्यांग की बेबसी देख उनका दिल पसीज गया। न केवल काफिला रुका, बल्कि चंद घंटों के भीतर उस दिव्यांग के जीवन की राह भी आसान हो गई।
वाकया शनिवार का है जब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल से अमलाह जा रहे थे। रास्ते में उनकी नजर दिव्यांग भंवर जी पर पड़ी, जो चलने फिरने में बेहद असमर्थ दिख रहे थे। उन्हें देखते ही शिवराज ने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और उनके पास जा पहुंचे। भावुक मन से उनका हाल-चाल जाना और मौके पर मौजूद भाजपा जिला महामंत्री पंकज गुप्ता से कहा कि भंवर जी को तत्काल भोपाल लाने का प्रबंध किया जाए।
रात को ही पूरा किया वादा
शिवराज सिंह चौहान केवल आश्वासन देकर आगे नहीं बढ़े। संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए उन्होंने शनिवार रात को ही भंवर जी को अपने साथ भोपाल ले गए। वहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया, तिलक लगाया, शॉल ओढ़ाई और मिठाई खिलाई। इसके बाद उन्हें आधुनिक बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भेंट की। नई साइकिल पाकर भंवर जी की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।
स्थानीय नेतृत्व पर उठने लगे सवाल
इस घटना ने इछावर विधानसभा क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। लोग चर्चा कर रहे हैं कि जो पीड़ा दिल्ली में बैठने वाले केंद्रीय मंत्री को एक नजर में दिख गई, उससे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अब तक बेखबर क्यों थे। सवाल इसलिए भी गंभीर हैं क्योंकि इछावर से विधायक करण सिंह वर्मा प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री जैसे कद्दावर पद पर हैं, बावजूद उनकी और उनके समर्थकों की निगाहों से दिव्यांग भंवरजी की यह परेशानी अब तक ओझल रही।



