बरखेड़ी तालाब में ‘साइलेंट किलर’ का कहर, 16 से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की मौत
वन विभाग ने जांच के लिए सागर भेजे सैंपल, ग्रामीणों ने जताई पानी में जहर या संक्रमण की आशंका

सीहोर। जिले के ग्राम बरखेड़ी में आज सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने तालाब के किनारे बड़ी संख्या में विदेशी और स्थानीय पक्षियों को मृत अवस्था में पड़ा देखा। हर साल की तरह इस बार भी प्रवासी पक्षी इस तालाब को अपना बसेरा बनाने आए थे, लेकिन बुधवार सुबह यहां का नजारा बेहद डरावना था। लगभग 16 से अधिक पक्षी, जिनमें बगुले, तीतरी और हंस जैसी प्रजातियां शामिल हैं, तालाब के किनारे बेजान पाए गए।
बता दें बरखेड़ी के इस तालाब में वर्तमान में पानी का स्तर काफी नीचे गिर चुका है। इसके बावजूद प्रवासी पक्षी यहां डेरा डाले हुए थे। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने पक्षियों को मृत देखा। ग्रामीणों को आशंका है कि कम पानी में बढ़ते प्रदूषण या किसी शरारती तत्व द्वारा पानी में मिलाए गए किसी जहरीले पदार्थ की वजह से यह हादसा हुआ है। कुछ लोग इसे बर्ड फ्लू जैसे संक्रमण से भी जोडक़र देख रहे हैं, जिससे पूरे गांव में चिंता का माहौल है।
जांच के लिए सागर भेजे सैंपल
सूचना मिलते ही वनपाल बृजेश राठौर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। मृत पक्षियों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तालाब के पानी और अन्य संदिग्ध नमूनों को जांच के लिए सागर स्थित लैब भेजा गया है। वनपाल बृजेश राठौर के अनुसार बताया कि प्रथम दृष्टया मामला दूषित पानी या पानी की कमी से जुड़ा लग रहा है, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और लैब की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना है यह तालाब
स्थानीय निवासी सतीश त्यागी ने बताया कि इस तालाब में हर साल ठंड के मौसम में दूर-दराज से रंग-बिरंगे पक्षी आते हैं। इनमें से कुछ पक्षी देखने में हंस जैसे लगते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी इस तरह एक साथ इतने पक्षियों को मरते हुए नहीं देखा। फिलहाल ग्रामीणों को अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि यह पता चल सके कि इन बेजुबानों की मौत प्राकृतिक है या इसके पीछे किसी की बड़ी लापरवाही या साजिश है।



