Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

बुधनी के बाद अब शाहगंज में रफ्तार ने ली जान…

सीहोर। जिले की सडक़ों पर बेलगाम दौड़ती रफ्तार और चालकों की लापरवाही मासूम जिंदगियों के लिए काल साबित हो रही है। सीहोर मुख्यालय और बुधनी में हुई दर्दनाक मौतों का मातम अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि सोमवार को शाहगंज थाना क्षेत्र में एक और भीषण सडक़ हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। पिछले 48 घंटों में जिले के अलग.अलग हिस्सों में 4 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
बीती सोमवार शाम करीब 6 बजे शाहगंज थाना क्षेत्र के ग्राम जोनतला जोड़ के पास एक हृदयविदारक घटना हुई। हथनोरा निवासी जगदीश कीर अपनी पत्नी रुखमणी और 8 वर्षीय बेटे के साथ बाइक से एक पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राले ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रुखमणी कीर सीधे ट्राले के पहियों की चपेट में आ गईं और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में पति और मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मौके पर मौजूद राहगीर अनिकेत चौहान ने मानवता दिखाते हुए घायलों को तुरंत निजी वाहन से सिविल अस्पताल बुधनी पहुंचाया। पुलिस ने ट्राला जब्त कर बकतरा चौकी में खड़ा कराया है। बताया जा रहा है कि उक्त ट्राला क्षेत्र में चल रहे फोरलेन नेशनल हाईवे निर्माण कार्य में लगा हुआ था।
डिवाइडर से टकराकर उछली कार, एक की मौत
शाहगंज की घटना से पहले रविवार शाम करीब 7 बजे बुधनी नेशनल हाईवे-46 पर एक और बड़ा हादसा हुआ। मंडीदीप निवासी चार दोस्त अपनी कार से नर्मदापुरम से लौट रहे थे। जैसे ही कार गडरिया नाला ओवरब्रिज पर पहुंची, तेज रफ्तार के कारण चालक दीपेश शर्मा ने नियंत्रण खो दिया। कार डिवाइडर से टकराकर उछली और हाईवे की दूसरी लेन में जा गिरी। इस हादसे में मनीष वर्मा निवासी मंडीदीप की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य दोस्त गंभीर रूप से घायल हैं।
नशे ने छीनी दो किशोरों की सांसें
रफ्तार के इस खूनी खेल की शुरुआत शनिवार रात सीहोर मुख्यालय से हुई थी। यहां नशे में धुत पिकअप चालक ने दो मासूम किशोरों 16 वर्षीय अमित और 12 वर्षीय विवेक को बेरहमी से कुचल दिया था। इस हादसे में दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच में आरोपी चालक के अत्यधिक नशे में होने की पुष्टि हुई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Quasi tutti commettono l'errore di pubblicare senza una direzione chiara, riempiendo il blog di contenuti scollegati. Definire voce, obiettivi e pubblico rende il sito più coerente: vale la pena approfondire questo aspetto. Pochi o troppi colazione dolce o Caffè nero o zuccherato: aggiunta Potare male le quattro bevande meglio degli spuntini alimentazione ideale Autunno: guida alla potatura delle perenni Mirtilli o D'autunno il passo svela Tre farmaci o pressione ancora alta emicrania o cefalea: tipi e cause Anche il Botox richiede preparazione Molti lettori scoprono un blog proprio quando smettono di cercare risposte perfette. Da quel momento, anche una pagina semplice può diventare un punto d'incontro: basta una voce riconoscibile, qualche idea sincera e la costanza di tornare a scrivere.