जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखाओं में स्टॉफ का टोटा, इधर सीजन से पहले हड़ताल की तैयारी
जिला सहकारी बैंक की कई शाखाओं में अतिरिक्त स्टॉफ तो कहीं पर एक के भरोसा पूरा बैंक

सीहोर। जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक सीहोर की शाखाएं जहां अधिकारी-कर्मचारियों की कमियों से जूझ रही है तो वहीं बैंक में अपने काम के लिए आने वाले ग्राहक भी परेशान हो रहे हैं। यह स्थिति सीहोर जिले की ज्यादातर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखाओं की है। कई जगह तो एक बाबू के भरोसे पूरा बैंक है तो कहीं पर अतिरिक्त स्टॉफ जमा हुआ है। ऐसे में कई शाखाओं का कामकाज भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इधर सहकारिता विभाग के जिन पैक्स कर्मचारियों के भरोसे पर सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी करने की तैयारी कर रही है उन पैक्स कर्मचारियों ने भी कलम बंद हड़ताल की चेतावनी दे दी है। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे 1 अप्रैल से हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसे में सरकार द्वारा गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी भी प्रभावित होगी।

सीहोर जिले में करोड़ों रूपए का कारोबार करने वाली जिला सहकारी बैंकों की शाखाएं इस समय कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है। बैंक की कई शाखाओं में कर्मचारियों की भारी कमी है। ऐसे में यहां आने वाले ग्राहक भी अपने कार्यों को लेकर परेशान होते हैं। उन्हें एक काम के लिए कई बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिले की रेहटी शाखा जो करोड़ों का कारोबार करती है, लेकिन यहां पर सिर्फ एक ही बाबू हैं। यहां पर बाबू के 4 पद हैं, लेकिन सिर्फ एक ही महिला कर्मचारी तैनात हैं। तीन पद खाली पड़े हुए हैं। इसी तरह यहां पर एक कैशियर है, जबकि 3 पद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए हैं, लेकिन वह भी एक ही पदस्थ है। बैंक की 9 सहकारी समितियों में से सिर्फ दो समितियों में स्थाई प्रबंधक हैं, जबकि 7 समितियां अस्थाई प्रबंधकों के भरोसे हैं। 2 स्थायी प्रबंधकों में से एक 31 मार्च एवं एक अप्रैल में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसके बाद सभी 9 सहकारी समितियां अस्थायी प्रबंधकों के भरोसे ही रहेगी। सूत्रों की मानें तो बैंक की बुधनी शाखा में अतिरिक्त बाबू तैनात हैं, लेकिन उन्हें वहां से नहीं हटाया जा रहा है। ऐसे में रेहटी शाखा का काम बेेहद बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
चैक बुक के लिए 9 बार आए
बैंक के ग्राहक फुलाड़ा निवासी विनोद कुमार पांडे ने बताया कि उनकी चैक बुक खत्म हो गई है और इसके लिए वे 9 बार बैंक में आ चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक चैक बुक नहीं मिल सकी है। इसी तरह मरदानपुर निवासी मोहन सिंह अपनी पासबुक में एंटी कराने के लिए कई बार आ चुके हैं, लेकिन उनकी पासबुक में एंटी नहीं हो पा रही है। इसी तरह कई ग्राहक एक-एक काम के लिए कई बार बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनके काम ही नहीं हो पा रहे हैं।
इधर मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
सरकार जल्द ही समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू करने वाली है। गेहूं की खरीदी सहकारी समितियों के माध्यम से होती है और इन सहकारी समितियों में ज्यादातर जगह अस्थाई कर्मचारी पदस्थ हैं। अब इन अस्थाई कर्मचारियों का संगठन मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ भोपाल द्वारा सभी जिलों में ज्ञापन सौंपकर हड़ताल की चेतावनी दी गई है। इन कर्मचारियों की मांग है कि विक्रेताओं को 18 माह का 34 जिलों के विक्रेताओं का 5400 रूपए भुगतान शेष हैं, जिसका भुगतान जल्द किया जाए। पैक्स में कार्यरत सहायक प्रबंधकों को समिति प्रबंधक के समकक्ष पद पर 60 प्रतिशत कर्मचारियों का चयन प्रक्रिया से पदोन्नत किया जाए। इसी तरह इनकी 6 सूत्रीय मांगे हैं, जिनको लेकर महासंघ के पदाधिकारियों ने सीहोर जिला मुख्यालय स्थित सहकारिता विभाग के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन की कॉपी कलेक्टर कार्यालय को भी दी गई है। यदि इन कर्मचारियों की मांगों पर अमल नहीं हुआ तो यह 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इससे समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का कार्य भी प्रभावित होगा।
इनका कहना है
विभाग में अधिकारी-कर्मचारियों की बहुत कमी है। लोग लगातार सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन अभी भर्ती नहीं हो पा रही है। ऐसे में कहीं न कहीं काम भी प्रभावित होता है। जिला सहकारी बैंकों की शाखाओं में भी स्टॉफ की भारी कमी है। भर्ती राज्य स्तर से होना है, ऐसे में हम यहां से भर्ती नहीं कर सकते।
– सुधीर कैथवास, डीआर, सहकारिता विभाग, सीहोर
जिला सहकारी बैंकों की शाखाओं में स्टॉफ की कमी है। इसके कारण शाखाओं में काम भी प्रभावित हो रहा है। हमने राज्य स्तर पर कमी को पूरा करने के लिए भर्ती के लिए भेजा है, लेकिन भर्ती राज्य स्तर से ही होना है। इसके बाद भी स्टॉफ की कमी पूरी हो सकेगी।
– सौरभ जुनवाल, सीईओ, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, सीहोर



