सीवन के तट पर गूंजा जय हिंद-जय सीवन, पूर्व सैनिकों ने संभाला मोर्चा, बोले- बॉर्डर की तरह अब नदी के लिए लड़ेंगे जंग

सीहोर। मां सीवन के उद्धार का अभियान अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। अभियान के 31वें दिन शहर के छतरी घाट और महिला घाट पर देशप्रेम और नदी प्रेम का एक अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में सबसे भावुक और ऊर्जावान पल वह था जब पूर्व सैनिकों एक्स आर्मी जवानों ने हाथ में तिरंगा लेकर जय सीवन और भारत माता की जय के नारे लगाए। पोकलेन मशीनों पर चढक़र तिरंगा लहराते इन योद्धाओं की भीगी आंखें सीवन के प्रति उनके समर्पण को बयां कर रही थीं।
महिला घाट पर आयोजित सम्मान समारोह में एक्स आर्मी यूनियन के अध्यक्ष हुकुम सिंह ने जोश भरते हुए कहा जिस तरह हमने सैनिक के रूप में बॉर्डर पर दुश्मनों से मुकाबला किया है, ठीक उसी तरह अब हमें अपनी जीवनदायिनी सीवन नदी को प्रदूषण और जलकुंभी रूपी दुश्मन से बचाने के लिए योद्धा बनकर लडऩा होगा। उन्होंने सभी पूर्व सैनिकों से इस अभियान में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहने का आह्वान किया।

समाजसेवी अरुणा राय ने किया योद्धाओं का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं समाजसेवी अरुणा सुदेश राय ने सफाई कर्मी महिलाओं, सेविकाओं और पूर्व आर्मी जवानों का मेडल पहनाकर और दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि सीवन पुत्रों ने असंभव को संभव कर दिखाया है। अरुणा राय ने यह भी साझा किया कि उनके पति और स्थानीय विधायक सीवन के कायाकल्प को लेकर बेहद गंभीर हैं और उनके पास इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार है।

पोकलेन पर तिरंगा और भक्ति गीतों की गूंज
जैसे ही हनुमान फाटक पर सरकारी पोकलेन और डंपर पहुंचे, सीवन पुत्रों और योद्धाओं का उत्साह दोगुना हो गया। जीतेंद्र आर्य, वैभव राठौर और अशोक नामदेव ने देशभक्ति के गीतों से पूरे वातावरण को राष्ट्रवाद के रंग में रंग दिया। इस दौरान सीवन पुत्र प्रदीप चावड़ा और फाउंडर शुभम चौरसिया ने 31 दिनों की उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों से अवगत कराया।
नदियों की सुरक्षा का महासंकल्प
दूसरे चरण में उपस्थित सभी नागरिकों और योद्धाओं को संकल्प दिलवाया गया कि मां सीवन हमारी जन्म देने वाली मां के समान है। हम इसे न गंदा करेंगे और न किसी को करने देंगे। यह संकल्प केवल सीवन के लिए नहीं, बल्कि देश की समस्त पवित्र नदियों की सुरक्षा के लिए लिया गया।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन बृजेश पाराशर ने किया। इस अवसर पर राहुल राय, कनीराम मालवीय, सुरेश भगत, लक्ष्मण चौकसे, राजकुमार सोनी, गोपाल सोनी और बड़ी संख्या में मातृशक्ति तेजस्विनी सोनी, मानसी सोनी, सुनीता सोनी सहित अनेक सीवन पुत्र व योद्धा उपस्थित रहे।



