Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीविशेषसीहोर

सलकनपुर में साधु के साथ हुए हादसे से नहीं लिया सबक, अब फिर दिखे जंगली जानवर

- मंदिर का लगातार बढ़ रहा वनक्षेत्र में दायरा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर नहीं उठ रहे ठोस कदम

सीहोर। जिले के प्रसिद्ध तीर्थ मां विजयासन धाम सलकनपुर में एक बार फिर जंगली जानवर सीसीटीव्ही में कैद हुए हैं। इस बार दो छोटे-छोटे शावकों के साथ में जंगली जानवर दिखाई दिया है। हालांकि अब तक यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी कि यह जंगली जानवर तेंदुआ है या फिर टाईगर है। यह जरूर बताया जा रहा है कि कोई मादा जानवर है, जो दो शासकों के साथ में सीढ़ी मार्ग पर टहल रही है। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जंगली जानवर टहलकदमी करते हुए दिखाई भी दे रहे हैं। इधर मंदिर में सड़क मार्ग पर गत 14 मई को एक साधु को जंगली जानवर ने ही अपना शिकार बनाया था। इस घटना से भी कोई सबब नहीं लिया गया है। हालांकि घटना के बाद कहा जा रहा था कि जल्द ही पिंजरा रखवाया जाएगा तो वहीं जाली भी लगवाई जाएगी, लेकिन इसको लेकर कोई पहल नहीं हो सकी है। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की जान भी जोखिम में है।
मंदिर का बढ़ रहा वन क्षेत्र में दायरा-

सलकनपुर मंदिर के आसपास लगातार जंगली जानवर तेंदुआ एवं टाईगर का मूवमेंट दिखाई दे रहा है। वन विभाग के विश्वसनीय सूत्र भी बता रहे हैं कि सलकनपुर के आसपास बड़ी संख्या में जंगली जानवरों का मूवमेंट है। तेजी से जंगल में जानवर बढ़ रहे हैं। दरअसल एक तरफ तो जंगलों को साफ किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ सलकनपुर मंदिर का दायरा भी लगातार वन क्षेत्र में बढ़ रहा है। मंदिर समिति द्वारा पार्किंग सहित अन्य निर्माण कार्य वनक्षेत्र के दायरे में कराए जा रहे हैं, ऐसे में जंगली जानवरों का मंदिर परिसर में आना स्वाभाविक है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा का जिम्मा मंदिर समिति का है, लेकिन मंदिर समिति द्वारा इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
सड़क और सीड़ी मार्ग पर पसरा रहता है अंधेरा-
सलकनपुर मंदिर की सड़क व सीढ़ी मार्ग पर लगातार जंगली जानवर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी यहां पर अंधेरा ही पसरा रहता है। सड़क मार्ग पर तो पूरी तरह से रात के समय में अंधेरा ही रहता है, जबकि इस रास्ते से रात 9 बजे तक दुकानदार सहित कई श्रद्धालु भी नीचे आते हैं, लेकिन इसके बाद भी यहां पर लाइटों की कोई व्यवस्था नहीं है। जंगली जानवरों के मूवमेंट के बाद भी मंदिर समिति यहां पर लाईटों की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की जान पूरी तरह से जोखिम में रहती है। यहां पर और हादसे का इंतजार भी किया जा रहा है।
सड़क मार्ग पर साधु को बनाया था जानवर ने निशाना-
14 मई को सलकनपुर टेकरी के पास सड़क मार्ग स्थित नागिन जोड़ पर एक साधु का शव मिला था। शुरुआती आशंका थी कि उन पर किसी जंगली जानवर ने हमला किया है। इसके बाद वन विभाग ने मौके पर ट्रैप कैमरे लगाए थे। अगले ही दिन रात में एक तेंदुआ कैद हुआ। इसके बाद यह माना गया कि साधु पर तेंदुए ने ही हमला किया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Quando l'autunno porta serate più fresche, alla MEAT TO scelgo cotture lente e sapori intensi, valorizzando ogni taglio con equilibrio. Vale la pena approfondire i segreti delle nostre ricette e dei nostri piatti. sembra una frittella al D'inverno, vin brulé speziato senza bollitura Quando rientri tardi e hai poco tempo, una ricetta di MEAT TO trasforma la cena in un piatto curato, con sapori netti e ingredienti ben scelti.