बारिश भी नहीं रोक पाई आस्था, भैरूंदा बना छोटा ‘पुरी’
जगन्नाथ रथयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, 24 फीट ऊंचे रथ पर निकले भगवान

सीहोर। लगातार दूसरे वर्ष निकली भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा ने इस बार भैरूंदा में आस्था का नया इतिहास रच दिया। मंगलवार को बारिश के बीच निकली इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जय जगन्नाथ और हरि बोल के जयघोष से पूरा नगर गूंजता रहा। नजारा ऐसा था कि हर गली-मोहल्ला मानो छोटा पुरी बन गया हो।
दोपहर करीब सवा तीन बजे सर्व मंगलम पैलेस से शुरू हुई रथयात्रा शाम सवा छह बजे कृषि उपज मंडी स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। करीब तीन घंटे तक चले इस आयोजन में दो किलोमीटर लंबे मार्ग पर हर वर्ग के लोग शामिल हुए। 24 फीट ऊंचे भव्य रथ पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकले।
बारिश में भी झूमते रहे श्रद्धालु
जैसे ही रथयात्रा सीहोर नाके की ओर बढ़ी, मौसम ने करवट ली और हल्की बारिश शुरू हो गई। लेकिन भक्तों का उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ। लोग बारिश की फुहारों में भीगते हुए भजन गाते, नाचते और जयघोष करते हुए रथ के साथ चलते रहे। पूरा माहौल भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया।

रथ खींचने और सेवा में दिखा भक्तों श्रद्धालुओं का जोश
रथयात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण रथ खींचने की परंपरा रही। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी भगवान के रथ को खींचने के लिए आगे आते दिखे। वहीं कई श्रद्धालुओं ने स्वर्ण झाड़ू से मार्ग साफ कर सेवा भाव का परिचय दिया। नगर परिषद अध्यक्ष मारुति शिशिर ने रथ खींचकर यात्रा की शुरुआत की, जबकि पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सेवा में भाग लिया।
फूलों से सजी सडक़ें, जगह-जगह स्वागत
पूरे मार्ग में जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए थे। सामाजिक संगठनों और नगरवासियों ने भगवान पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, जिससे सडक़ें फूलों से पट गईं। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण हुआ। यात्रा से पहले भगवान को छप्पन भोग भी अर्पित किया गया।
समरसता का संदेश, राजनीति से ऊपर आस्था
इस आयोजन की खास बात सामाजिक एकता रही। हर समाज और वर्ग के लोग एक साथ शामिल हुए। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता व कार्यकर्ता एक मंच पर नजर आए। यह रथयात्रा आस्था के साथ-साथ एकता और भाईचारे का बड़ा संदेश दे गई।
कड़ी सुरक्षा में शांतिपूर्ण आयोजन
रथयात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसडीओपी रोशन कुमार जैन और थाना प्रभारी घनश्याम दांगी के नेतृत्व में पुलिस बल ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभाली। राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही, जिससे पूरी यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
महाआरती और महाप्रसादी के साथ समापन
रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्ग सीहोर नाका, दुर्गा मंदिर चौक और बस स्टैंड होते हुए कृषि उपज मंडी पहुंची। यहां प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन के बाद भगवान श्री जगन्नाथ की महाआरती की गई। इस अवसर पर सवा 5 क्विंटल खिचड़ी और बूंदी का प्रसाद बनाकर भगवान को भोग लगाया गया और हजारों श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।
भक्ति में डूबा रहा पूरा भैरूंदा
बारिश, लंबा रास्ता और भारी भीड़, इन सबके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। इस ऐतिहासिक रथयात्रा ने पूरे भैरूंदा को एक सूत्र में बांध दिया। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बनाए बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया।



