Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशराजनीतिकरेहटीसीहोर

जिले के 14 सरकारी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव की सुगबुगाहट, बुधनी-रेहटी के युवा भी तैयार

सीहोर। मध्य प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लंबे समय से सुस्त पड़ा छात्र राजनीति का माहौल एक बार फिर गरमाने लगा है। हाईकोर्ट द्वारा छात्रसंघ चुनाव कराने के संबंध में दिए गए आदेश के बाद जिले के 14 सरकारी कॉलेजों में चुनावी हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी चुनाव समितियों को फिर से सक्रिय किया जा रहा है और कॉलेज प्रशासन व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गया है।
हालांकि उच्च शिक्षा विभाग की ओर से विस्तृत गाइडलाइन और सर्कुलर आना अभी बाकी है, लेकिन छात्र नेताओं और पहली बार वोट डालने जा रहे युवा मतदाताओं का उत्साह चरम पर है। जिले भर में अब तक 5535 विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं, जो इस चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
बुधनी और रेहटी के कॉलेजों में भी चुनावी खुमार
जिले के प्रमुख केंद्रों के साथ-साथ बुधनी और रेहटी अंचल के सरकारी कॉलेजों में भी छात्र राजनीति की सरगर्मियां साफ देखी जा रही हैं। बुधनी कॉलेज में उपलब्ध 1300 सीटों में से अब तक 1084 विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं। युवाओं में अपनी आवाज उठाने और कॉलेज की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिनिधि चुनने का जबरदस्त उत्साह है। वहीं रेहटी कॉलेज में 280 सीटों पर 62 दाखिले हो चुके हैं। छोटा कैंपस होने के बावजूद यहां छात्र नेताओं की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसके अलावा भैरुंदा में 1026 प्रवेश, बकतरा, लाडक़ुई, शाहगंज और जावर जैसे ग्रामीण व अंचलीय कॉलेजों में भी छात्र अपनी प्राथमिकताओं को लेकर मुखर हो रहे हैं।
हर कक्षा में रखी जाएगी मतपेटी, तैयारियां जारी
सीहोर स्थित नोडल प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व शर्मा ने बताया कि सुरक्षा और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए अनुशासन समिति पुलिस और प्रशासन से तालमेल बनाएगी। पुराने अनुभवों के आधार पर पारदर्शिता के लिए प्रत्येक कक्षा में अलग से मतपेटी रखी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो हफ्तों में चुनाव की तारीखों और प्रक्रिया को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।
भविष्य की राजनीति का पहला पाठ
कॉलेजों में पहली बार कदम रखने वाले नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का कहना है कि यह चुनाव केवल प्रतिनिधियों को चुनने का जरिया नहीं है, बल्कि इससे उन्हें लोकतंत्र और राजनीति को समझने का व्यावहारिक अवसर मिलेगा। फिलहाल सभी छात्र संगठन अपनी-अपनी गोटियां बिछाने और नए छात्रों से संपर्क साधने में जुट गए हैं। बस अब सभी को भोपाल से जारी होने वाले आधिकारिक सर्कुलर का इंतजार है।
मुख्य कॉलेज में स्थिति
पीजी कॉलेज सीहोर: 1935 सीटों पर 1624 प्रवेश
एबीएस आष्टा: 2111 सीटों पर 1026 प्रवेश
बुधनी कॉलेज: 1300 सीटों पर 1084 प्रवेश
भैरुंदा कॉलेज: 250 सीटों पर 77 प्रवेश
रेहटी कॉलेज: 280 सीटों पर 62 प्रवेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button