रेहटी तहसील में जुए-सट्टे का खुला कारोबार, बेबस बना प्रशासन, बर्बादी की कगार पर युवा पीढ़ी

सीहोर। जिले की रेहटी तहसील इन दिनों अवैध गतिविधियों और काले कारोबार का गढ़ बनती जा रही है। क्षेत्र में जुआ, सट्टा और अवैध मादक पदार्थों की खुलेआम बिक्री का खेल तेजी से फल फूल रहा है, लेकिन सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। पुलिस प्रशासन की इस रहस्यमयी चुप्पी के कारण सट्टा खिलवाने वाले और नशे का कारोबार करने वाले असामाजिक तत्व पूरी तरह बेखौफ हो चुके हैं।
बता दें रेहटी तहसील के कस्बों और आसपास के ग्रामीण इलाकों की गलियों में सुबह से ही सट्टे के नंबरों पर दांव लगना शुरू हो जाता है। मोबाइल ऐप और एजेंटों के जरिए सट्टे का यह जाल अब गांव-गांव तक फैल चुका है। जल्दी पैसे कमाने के लालच में फंसकर क्षेत्र की युवा पीढ़ी दिन ब दिन बर्बादी के दलदल में धंसती जा रही है। कई युवा अपनी मेहनत की कमाई और घर गृहस्थी का सामान तक सट्टे में गंवा चुके हैं, जिससे रोजाना कई परिवारों में विवाद और भुखमरी की नौबत आ रही है।
अवैध नशे का कारोबार भी चरम पर
जुआ और सट्टे के साथ-साथ क्षेत्र में अवैध देशी-विदेशी शराब, गांजा और अन्य मादक पदार्थों का धंधा भी जोरों पर है। बिना किसी रोक-टोक के दुकानों, ढाबों और सुनसान जगहों पर नशा आसानी से उपलब्ध हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम ढलते ही कई इलाकों में असामाजिक तत्वों का जमघट लग जाता है, जिससे आम नागरिकों, महिलाओं और छात्राओं का रास्ते से निकलना तक दूभर हो गया है।
कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
नागरिकों और समाजसेवियों का आरोप है कि पुलिस केवल दिखावे के लिए कभी-कभार छोटे-मोटे जुआरियों को पकडक़र अपनी पीठ थपथपा लेती है, जबकि बड़े खाईवाल और नशे के मुख्य सौदागर खुलेआम घूम रहे हैं। उन्हें न तो कानून का डर है और न ही पुलिस की कार्रवाई का। स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि रेहटी तहसील में चल रहे इस अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़े कदम उठाए जाएं।



