भैरुंदा में हर्षोल्लास से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस, हजारों की संख्या में जुटा समाज, निकली भव्य रैली

सीहोर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भेरुंदा में आदिवासी समाज द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आदिवासी सेवा समिति की टीम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों की संख्या में समाजजन, युवा और महिलाएं शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सल्लामजी ने की तथा प्रमुख आयोजक अशोक इरपाचे रहे। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में साधना उइके एवं प्रियंका जी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि साधना उइके ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, सभ्यता, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों को याद करने का दिन है। उन्होंने इस वर्ष की थीम का उल्लेख करते हुए बताया कि आदिवासी समाज में पारंपरिक दाइयों और महिलाओं की भूमिका सदियों से बेहद महत्वपूर्ण रही है। जहां आज भी स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, वहां महिलाओं का पारंपरिक ज्ञान और अनुभव समुदाय के स्वास्थ्य संरक्षण में बड़ा योगदान देता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी महिलाएं केवल परिवार ही नहीं संभालतीं, बल्कि वे समाज की ज्ञानवाहक, संस्कृति की संरक्षक और आने वाली पीढिय़ों की मार्गदर्शक भी हैं।
अधिकारों के प्रति जागरूक होने का आह्वान
साधना उइके ने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज की जल, जंगल, जमीन तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को सामूहिक संकल्प दिलाते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने समाज को नशामुक्त व संगठित बनाने, बेटियों को समान अवसर देने और अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन करने की बात कही।
नगर में निकली भव्य रैली
समारोह के दौरान भेरुंदा नगर में एक भव्य रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-मांदल की थाप, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नारों के साथ निकली इस रैली ने समाज की एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का संदेश दिया। वक्ताओं ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के अधिकारों के लिए एकजुट होकर आगे बढऩे का आह्वान किया।



