सावन के तीसरे सोमवार को कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

सीहोर। सावन मास के तीसरे सोमवार को कुबेरेश्वरधाम पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पवित्र सावन सोमवार के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। शहर की जीवनदायिनी सीवन नदी के तट से 
कुबेरेश्वरधाम तक का करीब 11 किलोमीटर का पूरा मार्ग भगवा ध्वजों और कांवड़ यात्रियों से पटा नजर आया।
सावन सोमवार को सुबह से ही सीवन नदी तट पर जल भरने के लिए कांवडिय़ों का जुटना शुरू हो गया था। बारिश के बावजूद महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। श्रद्धालु सीवन नदी से जल भरकर नंगे पांव हर-हर महादेव और जय श्री महाकाल के उद्घोष के साथ कुबेरेश्वरधाम की ओर बढ़ते रहे। रास्ते में जगह-जगह सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा सेवा स्टॉल लगाए गए, जहां कांवडिय़ों के लिए चाय, फलाहार, पेयजल और प्रसादी की व्यवस्था की गई।
भगवान शिव की भक्ति में दिखावे की जरूरत नहीं
सोमवार को धाम पर मौजूद कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान शिव की भक्ति में किसी प्रकार के आडंबर या दिखावे की आवश्यकता नहीं होती। ईश्वर भाव के भूखे हैं और सच्चे मन से की गई साधना ही सबसे बड़ी भक्ति है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में चरित्र, ज्ञान और व्यवहार का विशेष महत्व है, जिनकी नकल कोई नहीं कर सकता। व्यक्ति का चरित्र उसके कर्मों और संस्कारों से ही झलकता है।
25 अगस्त को निकलेगी विशाल कांवड़ यात्रा
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि सावन मास के प्रत्येक सोमवार को सीवन नदी से धाम तक कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। इसी कड़ी में आगामी 25 अगस्त को अत्यंत भव्य कांवड़ यात्रा आयोजित की जाएगी। इस यात्रा के दौरान कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए मार्ग में 100 से अधिक स्थानों पर सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां सैकड़ों सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में तैनात रहेंगे। प्रशासन और सेवा समितियों द्वारा सुरक्षा व व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।



