न्याय की मांग को लेकर पेड़ों पर चढ़े किसान, दी दिल्ली कूच की चेतावनी

सीहोर। खेतों में झूलते 11 केवी बिजली के तारों से हो रहे हादसों, किसानों की मौत और गंभीर घायलों को न्याय दिलाने के लिए जिले में प्रदर्शन तेज हो गया है। किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में 25 गांवों के 500 से अधिक किसान बीते दो महीनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। विरोध दर्ज कराने के अनोखे तरीके के तहत किसानों ने पेड़ों पर चढक़र घंटियां बजाईं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से न्याय की गुहार लगाई।
किसानों का आरोप है कि जिले के कई गांवों और खेतों में 11 केवी बिजली के तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं और कई खंभे जर्जर स्थिति में हैं। इन्हीं झूलते तारों के संपर्क में आने से ग्राम मोहडिय़ा में किसान सुगनबाई मेवाड़ा की असमय मौत हो गई, जबकि ग्राम बड़बेली के किसान सतीश मेवाड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में सतीश का हाथ झुलस गया और पैर में गंभीर चोट आई है। इसके अलावा करंट लगने से कई मवेशियों की भी मौत हो चुकी है।
बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
किसान नेता एमएस मेवाड़ा का कहना है कि बिजली विभाग की जांच में लापरवाही साबित होने के बाद भी केवल छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराई गई है। किसान मांग कर रहे हैं कि अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री और श्यामपुर के सहायक यंत्री सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
ठेले पर घायल बेटे को लेकर दिल्ली जाएंगे पिता
घायल किसान सतीश मेवाड़ा के बुजुर्ग पिता ने चेतावनी दी है कि यदि मध्यप्रदेश सरकार से उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे अपने दिव्यांग बेटे को हाथ ठेले पर लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर जाएंगे और प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात रखेंगे। किसानों ने बताया कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ऊर्जा मंत्री, प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, राज्यपाल, मानवाधिकार आयोग, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित तमाम आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं।



