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रेहटी महाविद्यालय में हिटलरशाही, नियमों को दरकिनार कर प्रभारी प्राचार्य ने किया अतिथि विद्वान को कार्यमुक्त

- जिन अतिथि विद्वानों के भरोसे पढ़ाई का जिम्मा, उन्हें थमाए जा रहे नोटिस और चेतावनी पत्र, किया जा रहा फाॅलेन आउट

सीहोर। जिले का रेहटी स्थित शासकीय महाविद्यालय इस समय जंग का अखाड़ा बना हुआ है। यहां पर प्राचार्य और बाबू का गठजोड़ सिस्टम एवं नियमों पर भारी है। यही कारण है कि नियमों को दरकिनार करके अतिथि विद्वान को ही कार्यमुक्त कर दिया गया है। इससे पहले महिला अतिथि विद्वानों को भी नोटिस एवं चेतावनी पत्र थमाए गए। जिन अतिथि विद्वानों के भरोसे पर पढ़ाई का जिम्मा है उन्हें ही प्रभारी प्राचार्य द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रभारी प्राचार्य मनोज राठौर महाविद्यालय के सहायक ग्रेड-3 (बाबू) सुजीत राठौर के इशारे पर महाविद्यालय का संचालन कर रहे हैं।
महिला उत्पीड़न की शिकायत की तो शुरू हुई लड़ाई-
सीहोर जिले के रेहटी स्थित शासकीय महाविद्यालय में दो महिला अतिथि विद्वानों के साथ महाविद्यालय के सहायक ग्रेड-3 सुजीत राठौर द्वारा किए गए महिला उत्पीड़न को लेकर जब प्राचार्य से शिकायत हुई तो यह लड़ाई भी शुरू हो गई। महिला अतिथि विद्वानों ने इस संबंध में शिकायत की तो प्रभारी प्राचार्य मनोज राठौर ने महिला अतिथि विद्वानों को ही पहले तो नोटिस थमाए एवं इसके बाद उन्हें चेतावनी पत्र भी जारी कर दिया। इस मामले को लेकर जांच समिति गठित की गई। समिति ने दोनों पक्षों के बयान भी लिए हैं, लेकिन अभी जांच रिपोर्ट लीड काॅलेज को नहीं सौंपी गई है। अब प्रभारी प्राचार्य मनोज राठौर ने राजनीति शास्त्र के अतिथि विद्वान डाॅ. मनमोहन द्विवेदी को कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया है।
नियम विरूद्ध कर दिया आदेश जारी-
रेहटी महाविद्यालय के प्राचार्य मनोज राठौर ने डाॅ. मनमोहन द्विवेदी को फाॅलेन आउट करने संबंधी आदेश जारी किया है। यह आदेश 8 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है। इसमें प्राचार्य ने उपस्थिति नियमावली का बार-बार उल्लंघन करने, फर्जी दस्तावेज लगाने, महाविद्यालय में उपस्थित न होने के बाद भी वेतन के लिए परेशान करने सहित कई अन्य आरोप लगाते हुए फाॅलेन आउट कर दिया है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी अतिथि विद्वान नियमावली की कंडिका 10.1 के अनुसार पहले सूचना पत्र (नोटिस) जारी करना होता है। इसके बाद संतोषजनक जबाव नहीं पाए जाने पर कार्यमुक्त किए जाने की चेतावनी जारी की जाती है। चेतावनी के बाद भी एक माह तक सुधार नहीं होने की स्थिति में फाॅलेन आउट किया जा सकता है, लेकिन यहां पर प्राचार्य मनोज राठौर ने न तो पहले सूचना पत्र दिया और न ही अतिथि विद्वान डाॅ. मनमोहन द्विवेदी को चेतावनी पत्र दिया गया। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए फाॅलेन आउट का आदेश ही जारी कर दिया।
अतिथि विद्वानों के भरोसे अध्यापन का जिम्मा-
रेहटी महाविद्यालय में अध्यापन कार्य का जिम्मा पूरी तरह से अतिथि विद्वानों के भरोसे है। दरअसल यहां पर करीब 22 अतिथि विद्वान हैं तो वहीं 4 परमानेंट प्राध्यापक हैं, जिनमें से एक मनोज राठौर प्राचार्य हैं तो वहीं डाॅ. मनोज वर्मा खेल प्राध्यापक हैं। सौम्या राजपूत वनस्पति विज्ञान एवं सोनम राय अर्थशास्त्र की प्रोफेसर हैं। इसके अलावा अन्य विषयों को पढ़ाने का जिम्मा अतिथि विद्वानों पर है, लेकिन महाविद्यालय में इन अतिथि विद्वानों को ही प्राचार्य मनोज राठौर ने निशाना बना रखा है। ऐसे में वे भी मानसिक रूप से परेशान हैं एवं अध्यापन कार्य भी प्रभावित हो रहा है। यहां बता दें कि रेहटी महाविद्यालय में करीब 1500 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। बुधनी, शाहगंज सहित आसपास के क्षेत्र से भी यहां पर विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं।
न्यायालय में याचिका, बने प्राचार्य –
30 जून 2026 को तत्कालीन प्राचार्य डाॅ. अंजलि गढ़वाल के सेवानिवृत्त होने पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. मनोज वर्मा को महाविद्यालय के प्राचार्य का प्रभार सौंपा गया था। डाॅ मनोज वर्मा करीब एक माह तक प्रभारी प्राचार्य रहे। इस दौरान मनोज राठौर ने न्यायालय में याचिका लगाकर खुद इस पद पर जम गए। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

नहीं मिली जांच रिपोर्ट –
रेहटी महाविद्यालय के लीड कॉलेज शासकीय पीजी महाविद्यालय सीहोर के प्राचार्य रोहिताश्व कुमार शर्मा से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि अभी रेहटी कॉलेज की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। रेहटी कॉलेज में जिन अतिथि विद्वान को कार्यमुक्त किया गया है उस सम्बन्ध में अभी जानकारी नहीं आई है।

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