‘गुरू-गोविंद’ ने दिखाई राह, अब बादाम सिंह करेंगे इकलौद का नाम रोशन

सीहोर। संत कबीर का प्रसिद्ध दोहा कि गुरु गोविंद दोऊ खड़े, का लागू पाय… उस वक्त चरितार्थ होता नजर आया जब ग्रामीण पृष्ठभूमि के एक सामान्य परिवार के होनहार युवा बादाम सिंह गुर्जर को खेल जगत की बुलंदियों तक पहुंचाने में दो शख्सियतों ने गुरु और गोविंद की भूमिका निभाई। रिटायर्ड डीएसपी उपेंद्र दीक्षित के मार्गदर्शन और वन एवं पर्यावरण अध्यक्ष रामनिवास रावत के प्रयासों से ग्राम इकलौद के रहने वाले बादाम सिंह गुर्जर का चयन भोपाल स्थित प्रतिष्ठित मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में हो गया है।
अकादमी द्वारा उन्हें राइलफ विधा में प्रवेश दिए जाने का आधिकारिक आदेश प्राप्त हुआ है, जिसके बाद से पूरे ग्राम इकलौद और विजयपुर क्षेत्र में जश्न का माहौल है। बता दें इस सफलता के पीछे छिपी कहानी बेहद प्रेरणादायक है। ग्रामीण अंचल की छिपी हुई प्रतिभा को तराशने में दो प्रमुख चेहरों का विशेष योगदान रहा है।
गुरु की भूमिका में उपेंद्र दीक्षित
सेवानिवृत्त डीएसपी उपेंद्र दीक्षित ने ग्रामीण युवाओं की प्रतिभा को समय रहते पहचान लिया। उन्होंने न सिर्फ बादाम सिंह की निशानेबाजी की कला को परखा, बल्कि उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए अपना अमूल्य मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
गोविंद की भूमिका में रामनिवास रावत
मध्य प्रदेश शासन के वन एवं पर्यावरण अध्यक्ष रामनिवास रावत ने इस ग्रामीण बालक की प्रतिभा को संवारने के लिए अथक प्रयास किए। उनके विशेष प्रयासों के चलते ही बादाम सिंह को भोपाल में राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला।
पारंपरिक निशानेबाजी से लेकर स्टेट अकादमी तक का सफर
बता दें बादाम सिंह गुर्जर (पिता लालसिंह गुर्जर) निवासी ग्राम इकलौद जिला श्योपुर की सफलता रातों-रात नहीं मिली। उनकी इस कामयाबी के पीछे वर्षों की मेहनत और उनका बेजोड़ निशाना है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आयोजित होने वाली स्थानीय और पारंपरिक निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में बादाम सिंह वर्ष 2021 से लगातार अपनी कला का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत इकलौद, गढ़ी, गामरी और आसपास के अन्य क्षेत्रों में आयोजित प्रतियोगिताओं में लगातार प्रथम स्थान हासिल किया है। इन स्थानीय प्रतियोगिताओं में उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें भोपाल की मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में चयन हेतु टेस्ट देने का अवसर मिला। इस कठिन टेस्ट में बादाम सिंह ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसके बाद अकादमी ने उन्हें रायफल विधा में प्रवेश देने का आदेश जारी कर दिया।



