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महेश जयंती पर धूमधाम से निकाली शोभायात्रा, अभिषेक भी किया

सीहोर। हर साल की तरह इस साल भी माहेश्वरी समाज के आराध्य देव भगवान महेश की जयंती शहर में पारंपरिक हर्ष के साथ मनाई गई। समाजजनों ने भगवान की झांकी सजाकर भव्य चल समारोह निकाले। चल समारोह में पुरुष सफेद परिधानों में एवं महिलाएं लाल साड़ी आदि कलर के वस्त्र पहनकर शामिल हुई। सामाजिक मंच से कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। भगवान की महाआरती के बाद महाप्रसादी का वितरण किया गया। चल समारोह का ब्राह्मण समाज सहित अन्य संगठनों ने चौराहे और तिराहे पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार महेशोत्सव पर चार दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन शहर के छावनी स्थित माहेश्वरी भवन में किया गया था, वहीं बुधवार को छावनी से भव्य चल समारोह बैंड बाजों के साथ आरंभ किया गया था। माहेश्वरी भवन से भगवान महेश की शोभा यात्रा प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए लक्ष्मीनारायण जानकी नाथ मंदिर पावर हाउस चौराहे जहां आस्था के साथ भगवान शिव का पूजन, अभिषेक और आरती संपन्न की इस मौके पर अभिषेक समाज के महेश बियाणी, श्रीमती शोभा बियाणी सहित अन्य समाजनों द्वारा आचार्य धर्मेन्द्र शर्मा के द्वारा किया गया था।
दिनभर धार्मिक अनुष्ठान और विविध सामाजिक कार्यक्रम हुए। समाजजनों ने अपने कुलदेवता भगवान महेश की आराधना के साथ प्रदूषण मुक्त शहर ग़़ढ़ने का संकल्प लिया। समाज की उत्पत्ति दिवस ज्येष्ठ शुक्ल नवमीं है। इस दौरान महेश नवमीं मनाई गई। उन्होंने बताया कि माहेश्वरी समाज के पूर्वज क्षत्रिय वंश के थे। एक दिन जब इनके वंशज शिकार पर थे, तो इनके शिकार कार्यविधि से ऋषियों के यज्ञ में विघ्न उत्पन्न हो गया। भगवान महेश का पूजन करने के बाद विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी हुआ। समाजजनों ने एक दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दी। अंत में सहभोज हुआ।
इस मौके पर आचार्य श्री शर्मा ने कहा कि भगवान महेश जयंती पर माहेश्वरी समाज के द्वारा मंदिर में अभिषेक और विशेष पूजा अर्चना की गई थी, उन्होंने बताया कि भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा की जाए तो सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामना पूरी होती है।शिव सदा अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव को खुश करने के लिए सुबह उठकर स्नान करके भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। भगवान शंकर के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल चढ़ाना चाहिए। साथ ही इस दिन शिवजी पर खास तौर से चंदन, अक्षत, बिल्व पत्र, धतूरा या आंकड़े के फूल चढ़ाने चाहिए। ये सभी चीजें भगवान शिव की प्रिय हैं। इन्हें चढ़ाने पर भोलेनाथ खुश होकर अपनी कृपा बरसाते है। महेश जयंती का माहेश्वरी समाज के लिए काफी महत्व है।
चार दिवसीय महोत्सव में अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन
नगर सभा के सचिव योगेश राठी और महिला मंडल की मीडिया प्रभारी स्वेता चांडक ने बताया कि महेशोत्सव का चार दिवसीय कार्यक्रम आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर युवा संगठन और महिला मंडल के द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इस मौके पर  माहेश्वरी समाज के वरिष्ठ शांतिलाल साबू, डॉ. सुरेश झंवर, नगर सभा के संरक्षक कमल झंवर, नगर सभा उपाध्यक्ष पंकज झंवर, सचिव योगेश राठी, महिला मंडल अध्यक्ष आभा कासट, हर्षा माहेश्वरी, युवा संगठन अध्यक्ष अंकित कासट, सचिव विजय मुंदडा आदि बड़ी संख्या में महिला और समाजजन उपस्थित थे।

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