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सलकनपुर चोरी मामला: चार बोरियों के नोटों को दो बोरी में ठूस-ठूस कर भरा, गिनती में निकले 10 लाख 28 हजार

कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा राजभवन, राज्यपाल को दिया मंदिर की घटना को लेकर ज्ञापन

सीहोर। सलकनपुर स्थित प्रसिद्ध विजयासन देवी मंदिर के स्टांग रूम में विगत दिनों हुई हाईटेक चोरी का पर्दाफाश पुलिस ने कर दिया है। चोरों ने मंदिर से चुराई 6 बोरियोें में से 2 बोेरी पहले ही छोड़कर चले गए थे और शेष चार बोेरियोें के नोटोें को चोेरों ने दो बोरियोें में ठूस-ठूस कर भर लिया था। इन बोरियों को भी वे जंगल मेें छिपाकर भाग गए थे। पुलिस की सर्चिंग में दो बोरी नोटों की मिली तो वहीं तीन खाली बोरियां भी मंदिर के पास जंगल में मिलना बताया जा रहा है। पुलिस द्वारा जप्त दो बोरियों के नोटोें की गिनती मंदिर समिति एवं प्रतिनिधियों के सामने कराई गई है। इनमें 10 लाख 28 हजार 384 रूपए निकले हैं। इधर सलकनपुर मंदिर की चोरी एवं मंदिर में हो रही अनियमितताओें कोे लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल के नेतृत्व में राजभवन पहुंचा। यहां पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात करकेे उन्हें मंदिर हो रही गड़बड़ियोें को लेकर ज्ञापन सौंपा एवं कार्रवाई की मांग की।
वन विभाग का अमला भी जंगल में उतरा-
चोरी हुई नोटोें की बोेरियों की खोज में वन विभाग के अमले कोे भी जंगल में उतारा गया। रेहटी वन परिक्षेत्र का पूरा अमला शुक्रवार कोे दिनभर जंगल की खाक छानता रहा। वन अमले को बेेहद गुपचुप तरीके से जंगल की सर्चिंग में लगाया गया था। दरअसल सलकनपुर मंदिर के आसपास घना जंगल है। वन विभाग के कर्मचारियोें को जंगल की सभी लोकेशन एवं रास्तेे भी पता हैं, इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा वन अमले की भी सहायता ली गई।
कांग्रेस ने कहा- मंदिर समिति कर रही है अनियमितताएं-
इधर मंदिर की चोरी एवं अनियमितताओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह की ओर से कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में राज्यपाल को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में मांग की गई कि विगत दिनों देवी मंदिर सलकनपुर में करोड़ों रुपए की चोरी में मंदिर प्रबंधन द्वारा घोर अनियमितता और लापरवाही के कारण धार्मिक श्रद्धालुओं में गुस्सा है। मंदिर समिति प्रबंधन द्वारा चढ़ावे का सोना-चांदी एवं दान पेटियों को खोलकर दान राशि की गणना कर बैंक में जमा ना करना और कई दिनों तक बोरियों में रखना घोर लापरवाही एवं अनियमितता है। दान पेटी में प्राप्त दान को खोलने के बाद सीसीटीव्ही की निगरानी में तत्काल बाद गणना कर जमा करने हेतु व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें समिति की ओर से पेटी संग्रह अधिकारी, समिति का एक जिम्मेदार कर्मचारी एवं गार्ड के साथ बैंक को कर्मचारियों द्वारा राशि ले जाने की व्यवस्था बनाई जाए, ताकि इस तरह की अनियमितताएं ना हो। कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा है कि मंदिर समिति प्रबंधन द्वारा लगातार लापरवाही एवं अनियमितताएं की जा रही हैं। देवी मंदिर में चोरी से उठे सवालों पर समिति प्रबंधन में संलग्न सभी के खिलाफ अमानत में खयानत का केस दर्ज कर मंदिर समिति प्रबंधन को बर्खास्त कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह की ओर से कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, सलकनपुर मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष मंगल सिंह ठाकुर, विष्णु प्रसाद ठाकुर, केशव चौहान जिला पंचायत सदस्य कमलेश यादव, प्रेम नारायण गुप्ता, अनिरुद्ध दुबे, संजय शर्मा आदि उपस्थित थे।
चोरी मामले में पुलिस ने आरोपियोें को पकड़ा, नोट भी जप्त किए लेकिन गाड़ी का नहीं लगा पता-
सलकनपुर स्थित मां विजयासन धाम से हुई चोरी की घटना के बाद पुलिस ने दो आरोपियोें को भी पकड़ लिया, उनके द्वारा चुराई गई दोे बोेरी नोटोें की भी जप्त कर ली, लेकिन चोरोें द्वारा उपयोग में की गई गाड़ी का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। सलकनपुर मंदिर के स्ट्रांग रूम सेे हुई चोरी की घटना के बाद शासन, प्रशासन सहित मंदिर समिति सकते में हैं। चोरी के बाद से जहां जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार वहां का दौरा कर रहे हैं, तो वहीं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई थानोें का अमला भी सलकननपुर में सक्रिय रहा। पुलिस ने अपने स्पेशल अधिकारियों कोे भी चोरी की घटना का पता लगानेे के लिए लगाया था। पुलिस द्वारा दो आरोपियोें अनिल पिता मदनलाल खरे निवासी होशंगाबाद एवं शुभम कटारिया पिता मोहन कटारिया निवासी होशंगाबाद को पकड़कर उनकी निशानदेही पर दो बोरियां भी जप्त कर ली हैं, लेकिन चोरी की घटना में उपयोग की गई गाड़ी का पता अब तक पुलिस को नहीं चल सका है। इधर पुलिस ने सलकनपुर निवासी राहुल राठौर को भी इसमें आरोपी नहीं बनाया है, जबकि चोरी से पहले आरोपी राहुल राठौर के घर आए थे। अब भी कई सवाल पुलिस जांच मेें पहेली बनेे हुए हैं। हालांकि पुलिस द्वारा अब भी आरोपियोें से पूछताछ की जा रही है एवं मामले में अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है।

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