पुलिस की अनूठी पहल, सेल्फ क्लिक 2.0 के तहत व्यापारियों और आमजन को सिखाए साइबर ठगी से बचने के गुर

सीहोर। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत और एसडीओपी आष्टा दामोदर गुप्ता के मार्गदर्शन में गुरुवार को जिले में साइबर अपराधों से बचाव के लिए सेल्फ क्लिक 2.0 अभियान के तहत विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आष्टा के नया बस स्टैंड स्थित इंडियन पेट्रोल पंप और पुरानी सब्जी मंडी के व्यापारी वर्ग व आमजन के बीच आयोजित हुआ।
थाना प्रभारी गिरीश दुबे, उपनिरीक्षक किरण सिंह राजपूत और पुलिस स्टाफ की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को आजकल तेजी से बढ़ रहे डिजिटल फ्रॉड जैसे डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, लोन ऐप स्कैम और टास्क/इन्वेस्टमेंट स्कैम के प्रति सचेत करना था।
एसडीओपी गुप्ता ने दिए साइबर सुरक्षा के 6 मंत्र
ओटीपी और पासवर्ड रखें गुप्त: अपना ओटीपी, पासवर्ड या सीवीवी नंबर किसी के साथ साझा न करें। कोई भी बैंक, पुलिस या कूरियर कंपनी का कर्मचारी कभी फोन पर ओटीपी नहीं मांगता।
अंजान लिंक और ऐप से दूरी: किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड करें।
डिजिटल अरेस्ट से डरें नहीं, यह पूरी तरह फर्जी है: पुलिस, ईडी या सीबीआई कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती। ऐसा कॉल आने पर डरने के बजाय तुरंत 1930 पर सूचना दें।
ज्यादा मुनाफे के लालच से बचें: घर बैठे मोटी कमाई का झांसा देने वाले टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पूरी तरह फर्जी होते हैं। ऐसे किसी भी इन्वेस्टमेंट स्कैम में न फंसे।
सोशल मीडिया को करें सुरक्षित: अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर ऑन रखें ताकि कोई आपका अकाउंट हैक न कर सके।
ठगी होने पर तुरंत करें यह काम: यदि आप साइबर ठगी के शिकार हो जाते हैं तो बिना देर किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। घटना के शुरुआती 3 घंटों के भीतर शिकायत करने पर पैसा वापस आने की संभावना सबसे अधिक होती है।

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