जिम्मेदारों ने खेतों तक बनवा ली पक्की रोड, लेकिन गांव में नहीं बनवा पाए सड़क और कचरा घर

- ग्राम पंचायत सोयत में कचरा होता है सड़क पर डंप, गांव को दिलवा रखा है स्वच्छ ग्राम पंचायत का तमगा

रेहटी। सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा में जनप्रतिनिधियों ने शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहते मनमाने तरीकों से काम करके अपने खेतों तक जाने के लिए पक्की सड़कें बनवा ली, लेकिन लोगों की सुविधाओं के लिए गांवों में सड़कें नहीं बनवा पाए। अब बारिश के दिनों में बच्चों को कीचड़ में से होकर स्कूल के लिए जाना पड़ता है। दरअसल यह स्थिति बुधनी विधानसभा की रेहटी तहसील की ग्राम पंचायत सोयत की है। ग्राम पंचायत सोयत को यूं तो ’स्वच्छ ग्राम पंचायत’ का तमगा दिलवा रखा है, लेकिन गांव में एक कचरा घर तक नहीं है। ग्रामीण अपने घरों का कचरा सड़कों पर फेंकने को मजबूर है। गांव के घूसते के साथ ही पहले लोगों को गंदगी में से होकर निकलना पड़ता है।
जनप्रतिनिधि नहीं कर सके गांव का विकास-
भैरूंदा जनपद पंचायत के तहत आने वाली ग्राम पंचायत सोयत में पिछले 20 वर्षों में जिनको ग्रामीणों ने चुना वे गांव का विकास नहीं करवा पाए। अब ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों ने खुद का विकास तो खूब किया, लेकिन गांव का विकास करने में वे पीछे ही रहे। गांव में नालियां बनीं, लेकिन उनमें जमकर भ्रष्टाचार हुआ। अब नालियां तक साफ नहीं हो पा रही हैं। इसी तरह गांव की सड़कें भी बेहद घटिया तरीके से बनवाई गई। गांव में विकास के नाम पर सिर्फ दिखाने के लिए सड़क और नाली ही नजर आती हैं।
नल-जल योजना का पानी होता है सड़कें-वाहन धोने में उपयोग-
हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए नल-जल योजना के तहत घर-घर में नल लगवाए गए, लेकिन जिम्मेदारों ने नल-जल योजना के तहत डाली गई पाईप लाइन को नालियों में ही डाल दिया, जिसके कारण लोग नल-जल योजना का पानी पीने के लिए उपयोग नहीं करते हैं। यह पानी लोग सुबह से अपने घरों की सड़कें और अपने वाहनों को धोने के लिए करते हैं, जबकि सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक नल-जल योजना है, जिसको ग्राम पंचायत सोयत में जमकर पलीता लगाया गया। लाखों रूपए की राशि खर्च करके भी लोगों को घरों में पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

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