
सीहोर। शहर के वरिष्ठ पत्रकार एवं हिंदू उत्सव समिति के पूर्व अध्यक्ष आशीष गुप्ता को पितृ शोक हुआ है। उनके पिता, शहर की जानी-मानी शख्सियत राधाकिशन गुप्ता ‘उस्ताद’ का रविवार को निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। सोमवार सुबह गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार छावनी विश्राम घाट पर किया गया।
स्व. राधाकिशन गुप्ता शहर और आसपास के अंचल में ‘उस्ताद’ के नाम से विख्यात थे। वे एक कुशल झांकी कलाकार थे। अनंत चतुर्दशी जैसे धार्मिक पर्वों पर उनके द्वारा निर्मित मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र हुआ करती थीं। कला के प्रति उनके समर्पण के कारण ही उन्हें ‘उस्ताद’ की उपाधि मिली थी। इसके अलावा उन्होंने बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल धर्मशाला के निर्माण कार्य में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
विश्राम घाट पर उमड़ा जनसैलाब
सोमवार सुबह 10 बजे उनकी अंतिम यात्रा बड़ा बाजार स्थित उनके निज निवास सत्यनारायण मंदिर के पास से प्रारंभ हुई। अंतिम यात्रा में शहर के गणमान्य नागरिक, पत्रकार, राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। छावनी विश्राम घाट पर परिजनों और शुभचिंतकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। बता दें राधाकिशन जी अपने मिलनसार और सहज व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे वरिष्ठ पत्रकार आशीष गुप्ता, मनीष गुप्ता, नितेश गुप्ता और पवन गुप्ता के पूज्य पिताजी थे। हरि बाबू गुप्ता के बड़े भाई और सौरभ गुप्ता के बड़े पापा थे। शहर के विभिन्न संगठनों और पत्रकार जगत ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे समाज और कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।