
सीहोर। खुशियों के घर में जब मातम जैसा सन्नाटा पसर जाए तो समझ लीजिए कि किसी की मेहनत की कमाई पर साइबर अपराधियों ने सेंध लगा दी है। ताजा मामला शहर की इंदिरा कॉलोनी गल्ला मंडी का है, जहां एक पिता की आंखों में अपने बच्चों की शादी के सपने थे, लेकिन शातिर ठगों ने उन सपनों को एक ही झटके में गहरा जख्म दे दिया।
इंदिरा कॉलोनी निवासी कान्ता प्रसाद के घर में इन दिनों आगामी अक्षय तृतीया पर होने वाले दोहरे विवाह की तैयारियां चल रही थीं। एक बेटा और एक बेटी की शादी के लिए कान्ता प्रसाद ने पाई-पाई जोडक़र बैंक ऑफ इंडिया की मंडी शाखा के खाते में करीब 2 लाख रुपये जमा किए थे। उन्हें क्या पता था कि जिस डिजिटल दौर को हम सुविधा समझते हैं, वही उनकी खुशियों को लूटने का जरिया बन जाएगा।
मोबाइल हैक कर मिनटों में खाली किया खाता
11 अप्रैल की सुबह कान्ता प्रसाद के लिए किसी बुरे सपने की तरह आई। उनका फोन-पे नंबर अचानक हैक कर लिया गया और सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे के बीच ठगों ने पैसों की बंदरबांट शुरू कर दी। सबसे बड़ी चपत सुबह 11.07 बजे मुकुन्द मेवाड़ा नाम के व्यक्ति ने सीधे 75 हजार रुपये निकाले। इसके बाद 11.09 से 11.59 के बीच पुनीत सैनी, बिन्दा प्रसाद, सानी कुमार, कंचन शीट और मेहताब नामक व्यक्तियों ने एक-एक हजार रुपये निकाले। जबकि दोपहर 12.02 बजे बादल ने 9 हजार और 12.08 बजे सुमन नामक व्यक्ति ने 98 हजार रुपये निकाल लिए। महज एक घंटे के भीतर कुल 1 लाख 96 हजार रुपये अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी से पार कर दिए गए।
पुलिस और प्रशासन से मदद की उम्मीद
खाता खाली होने का पता चलते ही पीडि़त कान्ता प्रसाद के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तत्काल क्षेत्रीय मंडी थाना में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई है और बैंक प्रबंधन को भी सूचित किया है। कान्ता प्रसाद ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी मेहनत की यह राशि वापस दिलाई जाए, क्योंकि इसी पूंजी के भरोसे उन्हें अपने बच्चों का घर बसाना है।