दृष्टिहीन नाबालिक के साथ दुष्कर्म करने वाले बुजुर्ग कोे 20 वर्ष का सश्रम कारावास, 6 हजार का जुर्माना

आष्टा। न्यायालय ने दृष्टिहीन नाबालिक के साथ दुष्कर्म करने वाले एक 70 वर्षीय बुजुर्ग आरोेपी कोे 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 6 हजार रूपए का जुर्माना लगाते हुए पीड़िता को प्रतिकर के रूप में एक लाख रूपए देने का आदेेश भी दिया है। मामला आष्टा कोर्ट में विचाराधीन था। जानकारी के अनुसार न्यायालय सुरेश कुमार चौबे, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) तहसील आष्टा, जिला सीहोर द्वारा अभियुक्त घासीराम पिता सिद्धनाथ उम्र 70 वर्ष निवासी आष्टा को 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 6 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित किया गया है। इसके साथ ही पीड़िता को प्रतिकर के रूप में एक लाख रूपए दिए जाने का आदेश दिया गया।
यह है मामला-
एक नवंबर 2021 को पीड़िता दोपहर में करीब 3-4 बजे फरियादिया की लडकी (पीड़िता) अपनी दादी के घर जा रही थी। इसी बीच उसके पड़ोसी अभियुक्त घासीराम मालवीय ने उसकी लड़की को बुलाया। इस पर वह घासीराम के पास चली गई। आरोपी घासीराम ने पीड़िता को पांच रूपए दिए। इसके बाद वह उसे जबरजस्ती अपने घर में ले गया और उससे साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने चिल्लाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और बोला कि यह बात किसी को बताई तो जान से खत्म कर दूंगा। पीड़िता ने डर के कारण उक्त घटना की बात किसी को नहीं बताई। इसके बाद पीड़िता की तबीयत खराब हुई, तब घटना की जानकारी सामनेे आई। यहां बता दें कि पीड़िता जन्म से दोनों आखों से देख नहीं पाती है। हालांकि वह गांव वालों को आवाज से पहचान लेती है।
आष्टा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट-
फरियादिया ने उक्त घटना की शिकायत थाना आष्टा में दर्ज कराई। इसके बाद थाना आष्टा द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। जिसकी जांच उनि अविनीश मौर्य द्वारा की गई एवं संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग-पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजी साक्ष्य एवं विधिक आधारों पर की गई अंतिम बहस के तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी घासीराम पिता सिद्धनाथ जिला सीहोर को 5(एम)/6 पॉस्को एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 5 हजार रूपए एवं धारा 506 (भाग-2) भादवि में 1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार रूपए का जुर्माना लगाते हुए पीड़िता को प्रतिकर के रूप में एक लाख रूपए दिए जाने का आदेश दिया है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी अति. जिला अभियोजन अधिकारी देवेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा की गई। इसमें महेंद्र सितोले सहा. जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा पैरवी में सहयोग किया गया।