Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

सीहोर जिले के 36899 किसानों को मिलेगा सीएम की ऋण माफी का लाभ, जानिए कैसा मिलेगा फायदा

सीहोर। विधानसभा चुनाव से पहले किसानोें को साधने की कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है। यही कारण है कि चुनावी साल में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा ऋण माफी का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को पास भी कर दिया गया है। अब 12 मई कोे डिफाल्टर किसानों की सूची सभी सहकारी समितियों पर चस्पा कर दी जाएगी। इसमें किसान अपना नाम देख सकेंगेे एवं इसके बाद किसानों से आवेदन भरवाए जाएंगे। सीहोर जिले में करीब एक लाख 42 हजार किसानों में से 36899 किसान कर्जमाफी का लाभ ले पाएंगे। ये वे किसान होंगे जिनका ब्याज एवं मूलधन 2 लाख रूपए तक है। इन किसानों का ब्याज माफ किया जाएगा। सीहोर जिले के 36899 किसानों का मूलधन 152.54 लाख एवं ब्याज 90.54 लाख रूपए कुल राशि 243.08 लाख रूपए माफ होगी।
13 मई से भरे जाएंगे आवेदन फॉर्म-
12 मई को सूची चस्पा करने के बाद 13 से 15 मई तक किसानों से ब्याजमाफी योजना के फॉर्म भरवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और बीजेपी कार्यकर्ता, कलेक्टर सहित तमाम अधिकारी इस योजना के पात्र किसानों के फॉर्म भरवाएंगे। सहकारी समितियों के प्रबंधक, सेल्समैन को-ऑपरेटिव बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी गांवों में मुनादी कराकर, दीवार लेखन कराकर ब्याजमाफी योजना के फॉर्म भरवाने वाले कैम्प की जानकारी देंगे।
इन किसानों को मिलेगा कर्जमाफी का लाभ-
सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मूलधन और ब्याज को मिलाकर जिन किसानों की राशि दो लाख रुपए तक है, उनका ब्याज माफ किया जाएगा। इसमें दो प्रकार के किसानों को योजना का फायदा मिलेगा। अल्पावधि फसल ऋण (12 महीने में लौटाने वाला कर्ज), फसल खराब होने पर मध्यावधि ऋण में परिवर्तित कर दिया जाता है। इस प्रकार अल्पावधि और मध्यावधि ऋण माफ किए जाएंगे। इसी प्रकार विधायक, सांसद, चुने हुए जनप्रतिनिधि, निगम, मंडल, बोर्ड के पदाधिकारी, सरकारी कर्मचारी, इनकम टैक्स अदा करने वाले किसानों को ब्याजमाफी योजना का फायदा नहीं मिलेगा।
ऐसे चलेगी ब्याजमाफी योजना की प्रक्रिया-
12 मई- डिफॉल्टर किसानों की सहकारी समितियों पर लिस्ट चस्पा होगी।
13-14-15 मई को किसानों के फॉर्म भरवाए जाएंगे।
16-18 मई तक आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
23 मई को वित्त विभाग से सहकारिता विभाग को राशि ट्रांसफर की जाएगी।
26-27 मई को किसानों को कालातीत ऋण (डिफॉल्टर मुक्ति) का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button