
सीहोर। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली बिल बकायादारों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। जिले के सीहोर और आष्टा संभाग में करीब 48 लाख रुपए से अधिक की राशि बकाया होने के कारण कंपनी ने 15 गांवों के ट्रांसफार्मरों की सप्लाई बंद कर दी है। इस कार्रवाई से इन गांवों में अंधेरा छा गया है।
सीहोर संभाग के अंतर्गत कुड़ी, बिछौली और मोहनपुरा जैसे गांवों में उपभोक्ताओं पर 15.69 लाख रुपए का बिल बकाया था। बार-बार चेतावनी के बावजूद भुगतान न होने पर कंपनी ने इन गांवों के मुख्य ट्रांसफार्मरों को बंद कर दिया है।
सबसे ज्यादा असर आष्टा संभाग में देखने को मिला है। यहां के शंकरपुर, भीलखेड़ी, कोठरी, निपानिया, छापर, देहमत, हुसेनपुरखेड़ी, चिन्नौटा, अरोलिया, खड़ी, छायन और भानाखेड़ी गांवों पर कुल 32.61 लाख रुपए की देनदारी है। शत-प्रतिशत बकाया होने के कारण इन सभी 12 गांवों की बिजली सप्लाई काट दी गई है।
शिविरों के जरिए दी जा रही राहत
कंपनी ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए समाधान योजना के पहले चरण की अंतिम तिथि 31 जनवरी तक बढ़ा दी है। बिजली विभाग द्वारा पीपलिया, सलारसी, हकीमपुर, नीलबड़ और अरनियाराम सहित कई गांवों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में उपभोक्ताओं को बिलों में छूट की जानकारी दी जा रही है और मौके पर ही भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।
बड़े बकायादारों पर कंपनी की पैनी नजर
विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं पर 1 लाख रुपए से अधिक का बिल बकाया है, उन्हें विभाग द्वारा व्यक्तिगत रूप से फोन कर भुगतान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक बकाया राशि जमा नहीं होती, तब तक सप्लाई बहाल करना संभव नहीं होगा।