
सीहोर। जिले के ग्राम डिमावर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां ईंट भट्टे पर काम करने वाले एक मजदूर परिवार की 10 वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया गया। दरिंदों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए कैंची से बच्ची के कपड़े काट दिए और उसे बेहोशी की हालत में मरा हुआ समझकर खेत में फेंक कर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार घटना गुरुवार सुबह की है। मासूम बच्ची घर के पास रेत स्टॉक के पास लकडिय़ां लेने गई थी। तभी घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। जब बच्ची चिल्लाने लगी तो आरोपियों ने रुमाल से उसका मुंह बंद कर दिया और उसे पास के एक सुनसान खेत में ले गए, जहां उसके साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया।
अस्त-व्यस्त हालत में मिली मासूम
घटना की सूचना मिलते ही भेरुन्दा एसडीओपी रोशन जैन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बालिका अत्यंत बदहवास और गंभीर हालत में मिली, जिसे तत्काल महिला पुलिस की मदद से सिविल अस्पताल भेरुन्दा ले जाया गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम और पुलिस की अलग-अलग टीमें जांच में जुटी हैं।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
इस घटना के बाद डिमावर और आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि नर्मदा तट के रेत घाटों पर अवैध उत्खनन के कारण असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ गया है। तीन-चार दिन पहले ही ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर यहां पनप रही अराजकता की शिकायत की थी। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते जाग जाता, तो आज इस मासूम के साथ यह दरिंदगी नहीं होती।
मामला दर्ज किया है
हमने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं और जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
रोशन जैन, एसडीओपी भेरुन्दा