
सीहोर। भैरूंदा क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। यहां सीलकंठ नाव घाट पर नर्मदा नदी की बीच धारा में रेत से लदी एक नाव अचानक पलट गई। इस हादसे में नाव पर सवार चार युवकों में से दो ने तो तैरकर अपनी जान बचा ली, लेकिन दो अन्य युवक गहरे पानी में समा गए। सूचना मिलते ही प्रशासन ने एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी लापता युवकों का सुराग नहीं लग पाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे चार युवक नाव लेकर नर्मदा नदी में गए थे। बताया जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक रेत भरी हुई थी। जब युवक रेत लेकर वापस लौट रहे थे, तभी अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के कारण नदी में ऊंची लहरें उठने लगीं। नाव भारी होने के कारण संतुलन बिगड़ गया और पानी अंदर भरने लगा, जिससे देखते ही देखते नाव बीच मझधार में पलट गई।
दो ने साहस दिखाया, दो बह गए
नाव पलटते ही चारों युवक पानी में गिर गए। इनमें से मुकेश कुमार और सोनू कुमार निवासी पूर्णिया बिहार ने साहस दिखाते हुए तैरकर किनारा पकड़ लिया और अपनी जान बचा ली। वहीं उनके साथी लड्डू कुमार और रंजीत तेज बहाव की चपेट में आ गए और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गए।
काम की तलाश में दो दिन पहले ही आए थे
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये चारों युवक बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले हैं और महज दो दिन पहले ही काम की तलाश में इस क्षेत्र में आए थे। ये आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं साले-जीजा और साढू। घटना के बाद से ही इनके परिजनों का बुरा हाल है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की खबर मिलते ही भैरूंदा एसडीओपी रोशन कुमार जैन और थाना प्रभारी घनश्याम सिंह दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तत्काल होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। शुक्रवार देर शाम तक सर्चिंग ऑपरेशन चला, लेकिन अंधेरा होने के कारण इसे रोकना पड़ा। शनिवार सुबह से दोबारा गोताखोरों की मदद से नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार नाव में रेत भरी होने की बात सामने आई है, हालांकि कुछ लोग मछली पकडऩे जाने की बात भी कह रहे हैं। फिलहाल हमारी प्राथमिकता लापता युवकों को ढूंढना है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।