जमीन हड़पने के लिए रची जालसाजी की साजिश, दिव्यांग ने लगाए गंभीर आरोप

सीहोर। ग्राम सेवनिया से जालसाजी और जमीन कब्जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम सेवनिया निवासी दो भाइयों मोहन मेवाड़ा और अर्जुन मेवाड़ा ने मण्डी थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीडि़तों का आरोप है कि कर्ज के जाल में फंसाकर उनकी पुश्तैनी जमीन हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं।
दी गई शिकायत के अनुसार यह पूरा विवाद साल 2012 से शुरू हुआ था। उस समय उनके पिता ने आरोपी पप्पू कौशल से घरेलू जरूरतों के लिए 5 लाख रुपये उधार लिए थे। पीडि़तों का दावा है कि इस 5 लाख रुपये के बदले वे अब तक ब्याज सहित करीब 15 लाख रुपये चुका चुके हैं। आरोप है कि इतनी बड़ी रकम वसूलने के बाद भी आरोपी की नीयत खराब हो गई। उसने साल 2012 का एक फर्जी और कूटरचित विक्रय अनुबंध पत्र तैयार कर लिया है, जिसके आधार पर वह अब उनकी पुश्तैनी जमीन पर मालिकाना हक जता रहा है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी ने ग्राम सेवनिया में करीब 7 एकड़ सरकारी जमीन पर भी अवैध कब्जा कर रखा है।
साहब! मुझे जान का खतरा है
शिकायतकर्ता मोहन सिंह मेवाड़ा जो दोनों पैरों से दिव्यांग हैं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए भावुक स्वर में बताया कि आरोपी अब उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहा है। मोहन सिंह का आरोप है कि आरोपी उन्हें रास्ते में रोककर और अधिक पैसों की मांग करता है और जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए लगातार दबाव बना रहा है। पीडि़त ने पुलिस को बताया कि वह शारीरिक रूप से अक्षम है और आरोपी की दबंगई के कारण उसका पूरा परिवार दहशत में जी रहा है।
न्याय की गुहार
पीडि़त परिवार ने मण्डी थाना पुलिस से मांग की है कि पप्पू कौशल के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी और अवैध सूदखोरी का मामला दर्ज किया जाए। उन फर्जी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाए जिनके आधार पर जमीन हड़पने की कोशिश हो रही है। पीडि़त परिवार विशेषकर दिव्यांग मोहन सिंह की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजरें
जमीन से जुड़े इस हाई प्रोफाइल विवाद और जालसाजी के मामले ने क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस शिकायत पर कितनी गंभीरता से संज्ञान लेता है और एक दिव्यांग पीडि़त को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।

Exit mobile version