
सीहोर। जीवनदायिनी सीवन नदी को स्वच्छ, निर्मल और सदाप्रवाही बनाए रखने के लिए सीवन पुत्र टीम ने एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की है। टीम के सदस्यों ने संकल्प लिया है कि वे अब सीवन नदी में जलकुंभी को पनपने नहीं देंगे और नदी के 100 साल के इतिहास को बदलकर रहेंगे। इस अभियान का आगाज रविवार को विसर्जन कुंड पर विशेष सीवन नाव पूजन और घाट की साफ सफाई के साथ हुआ।
अभियान की शुरुआत में सीवन पुत्र गोपाल आर्य, कानीराम मालवीय, शैलेंद्र सिंह चंदेल और प्रकाश यादव ने खुद नदी में उतरकर घाट की सफाई की और ढेर सारा कचरा बाहर निकाला। इसके बाद नाव को गेंदे के फूलों और शान से लहराते तिरंगे से सजाया गया। पंडितों और समाजसेवियों की उपस्थिति में नाव की विधिवत पूजा अर्चना कर फीता काटा गया, जिसमें छोटे बच्चों को बैठाकर पहली सैर कराई गई।
अक्टूबर में ही क्यों शुरू हुआ अभियान
अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए सीवन पुत्र प्रदीप चावड़ा ने बताया कि इस समय जलकुंभी पानी की ऊपरी सतह पर तैर रही है, जिसे अभी आसानी से निकाला जा सकता है। यदि कुछ महीने और देर की जाती तो यह गहराई तक अपनी जड़ें जमा लेती और पूरी नदी को ढक देती। जलकुंभी जमने से नदी में एक बूंद पानी दिखाई नहीं देता, जिससे पशु-पक्षियों और जलीय जीवों के सामने जीवन का संकट खड़ा हो जाता। नदी सूखने से आसपास के बोरवेल, कुएं, हैंडपंप और बावडिय़ां भी सूख जाती हैं और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आचमन के लिए भी स्वच्छ जल नहीं मिल पाता। इसी सोच के साथ यह जलकुंभी निकालो अभियान अक्टूबर से ही शुरू किया गया है ताकि साल भर सीवन नदी पानी से लबालब रहे।
राष्ट्रगीत से भरा जोश, प्रबुद्धजनों ने सराहा
कार्यक्रम के दौरान वैभव राठौर और अशोक नामदेव ने राष्ट्रगीत गाकर उपस्थित जनसमूह में देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का नया जोश भरा। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शैलेंद्र सिंह चंदेल ने नदी संरक्षण के लिए सीवन पुत्रों के इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर की मिसाल बताया। सेना से सेवानिवृत्त रामगोपाल आर्य ने विश्वास जताया कि सीवन पुत्र टीम नदी से जलकुंभी पूरी तरह खत्म कर एक नया इतिहास रचेगी। समाजसेवी जमुना प्रसाद पाटीदार, प्रेम राय और प्रदीप सरकार ने इस अभियान को प्रकृति और समाज के लिए एक बड़ा सकारात्मक बदलाव करार दिया।
सम्मान, जन्मदिन और देवी-देवताओं के चित्रों का संग्रहण
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के कर्मचारी राजेश दुबे का विशेष सम्मान किया गया। साथ ही सीवन पुत्र राजकुमार सोनी का जन्मदिन भी बड़े उत्साह से मनाया गया। वहीं प्रकाश यादव ने नदी किनारे और गंदे स्थानों पर फेंकी गई देवी-देवताओं की तस्वीरों व धार्मिक पुस्तकों को ससम्मान एकत्रित कर उनके सही निस्तारण की व्यवस्था की।
इन्होंने ली सीवन स्वच्छता की शपथ
इस पावन शुरुआत के मौके पर रामगोपाल आर्य, शैलेंद्र सिंह चंदेल, आकाश माथुर, सुरेश भगत, राजकुमार सोनी, प्रदीप चावड़ा, अशोक नामदेव, विनीत राठौर, मुकेश राय, प्रेम राय, कनीराम मालवीय, वैभव राठौर, प्रदीप सरकार, जमना प्रसाद पाटीदार, प्रकाश यादव, राजेश दुबे, राधेश्याम मकवाना, गजेंद्र सूर्यवंशी, तनिष्का यादव, अलका कुशवाहा, रानी अहिरवार, विनय शर्मा और अमित खेड़ले सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सीवन नदी को स्वच्छ और जलकुंभी मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।