
सीहोर। सकल हिंदू समाज मंडल मुर्राय के तत्वावधान में 7 जनवरी को र्मदा तट स्थित पथोंडा घाट के सुंदर और आध्यात्मिक वातावरण में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए,ए जहाँ धर्म और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत खात्याखेड़ी और चारुआ मंडल के प्रसिद्ध गायकों द्वारा प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों से हुई। भजनों की प्रस्तुति ने पूरे पंडाल को भक्ति के रंग में सरोबोर कर दिया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सबसे बड़ी सेवा
रामवीरजी सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक रामवीरजी ने अपने संबोधन में राष्ट्रवाद पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के मन में अपने राष्ट्र के लिए समर्पित भाव होना अनिवार्य है। जब हम स्वयं से ऊपर उठकर देश के बारे में सोचेंगे, तभी हमारा राष्ट्र उन्नति के शिखर पर पहुंचेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहें।
नारी शक्ति से ही संभव है संस्कारवान समाज
ऋषिका नागर मातृशक्ति की ओर से अपनी ओजस्वी बात रखते हुए वक्ता कुमारी ऋषिका नागर ने नारी की शक्ति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नारी सृजन और विनाश दोनों की क्षमता रखती है। एक संस्कारवान समाज का निर्माण केवल नारी के हाथों में ही है। उन्होंने समाज को आईना दिखाते हुए कहा कि बच्चों को बचपन से ही नारी का सम्मान करना सिखाना होगा। यदि घर में संस्कार बेहतर होंगे, तो राष्ट्र में अपराध अपने आप कम हो जाएंगे।
आयोजन का उद्देश्य
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना और आने वाली पीढ़ी को सनातन संस्कृति व राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के अंत में नर्मदा जी की आरती की गई और राष्ट्र कल्याण की कामना की गई। इस अवसर पर मुर्राय मंडल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में मातृशक्ति व युवा उपस्थित रहे।