
सीहोर। प्रदेश के सरकारी छात्रावासों में शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए प्रवेश की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। राज्य शिक्षा केंद्र और स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। अब अभिभावकों और विद्यार्थियों को छात्रावास में सीट पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि वे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
प्रवेश के लिए विभाग ने दो चरण निर्धारित किए हैं, जिसमें प्रथम चरण कक्षा 6वीं और अन्य रिक्त सीटों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तय की गई है। जबकि द्वितीय चरण में यदि सीटें खाली रहती हैं तो दूसरे चरण की प्रक्रिया 6 अप्रैल से 10 जून तक संचालित होगी।
ई-हॉस्टल प्रणाली से आएगी पारदर्शिता
संचालक राज्य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह के अनुसार एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से एक विशेष ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है। इसके जरिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक-बालिका छात्रावासों में वंचित वर्ग के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
किसे मिलेगी प्राथमिकता
कस्तूरबा गांधी विद्यालय: यहां 75 प्रतिशत एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए सुरक्षित हैं, जबकि 25: सीटें बीपीएल परिवारों की बेटियों के लिए हैं। अनाथ, बेसहारा और दिव्यांग बालिकाओं को चयन में वरीयता दी जाएगी।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास: यह विशेष रूप से उन बच्चों के लिए है जो स्कूल छोड़ चुके हैं या पन्नी बीनने वाले, खानाबदोश और पलायन करने वाले परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।
कैसे करें आवेदन
अभिभावक एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से या विभाग की वेबसाइट https://educationportal3.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। यदि ऑनलाइन फॉर्म भरने में कोई तकनीकी समस्या आती है तो संबंधित छात्रावास के वार्डन की मदद भी ली जा सकती है।
प्रदेश भर में 597 छात्रावासों का जाल
वर्तमान में प्रदेश में कुल 597 छात्रावास संचालित हैं, जिनमें 207 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और 390 नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास शामिल हैं। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩा है जो पारिवारिक या आर्थिक कारणों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।