दो बसों की भिड़ंत के बाद लोगों को जान की पड़ी थी और तस्करों को गांजे की… अब 6-6 साल की सजा

सीहोर। कहते हैं कि जब चोर चोरी या तस्करी करने उतरता है तो उसकी किस्मत हमेशा उसका साथ नहीं देती। जिले में एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था, जहां एक भयानक सडक़ दुर्घटना ने अनजाने में ही गांजे के अवैध कारोबार का ऐसा पर्दाफाश किया कि हर कोई दंग रह गया। दुर्घटना के वक्त जहां आम लोग अपनी और अपनों की जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे थे, वहीं तस्करों को अपनी जान की नहीं बल्कि गाड़ी में ठूंस-ठूंस कर भरे गांजे की फिक्र थी।
मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायालय के न्यायाधीश हेमंत जोशी ने इस सनसनीखेज मामले में तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 6-6 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही 3 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। इस पूरे प्रकरण में शासन की ओर से मजबूत पैरवी जिला लोक अभियोजक वंदना परते द्वारा की गई।
फिल्मी कहानी जैसा वाकया
यह पूरा दिलचस्प वाकया जिले के थाना जावर क्षेत्र का है। 3 अगस्त 2025 की बात है, जब पुलिस उपनिरीक्षक बाबूलाल मालवीय अपनी टीम के साथ गश्त और ड्यूटी के सिलसिले में अरनिया गांजी जोड़ पर मौजूद थे। उस जगह पर चौहान बस और चार्टर्ड बस के बीच आमने-सामने की एक बहुत जोरदार टक्कर हो गई थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चौहान बस सडक़ किनारे ही पलट गई थी। हादसे के बाद मौके पर चारों तरफ चीख-पुकार मच गई, भारी अफरा तफरी का माहौल था और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। हर कोई घायलों की मदद करने और अपनी जान बचाने में लगा हुआ था।
लोगों को फिक्रथी जान की, तस्करों को थी गांजे की
घटनास्थल पर जब क्रेन और जेसीबी की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बसों को हटाकर रास्ता साफ कराया जा रहा था और यात्री अपनी-अपनी बची हुई डिक्की का सामान निकाल रहे थे, तभी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी।
झोला उठाकर भागा कार की तरफ
उस युवक के हाथ में एक झोला था, जो थोड़ा फटा हुआ था और उसके अंदर से खाकी रंग के टेप में लिपटा हुआ कोई चमकीला पैकेट साफ बाहर झांक रहा था। जैसे ही उस युवक की नजर पुलिस पर पड़ी, उसके हाथ-पांव फूल गए। वह हड़बड़ा गया और अपने झोले को छिपाते हुए तेजी से वहां से भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस का शक गहराया तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत उस संदिग्ध का पीछा किया। वह तस्कर भागकर सडक़ किनारे पहले से ही खड़ी एक हुंडई इयोन कार के पिछले हिस्से में जाकर छिपकर बैठ गया। पुलिस ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए उस कार को चारों तरफ से घेर लिया और रोक लिया।
कार की तलाशी ली तो निकला गांजे का जखीरा
पुलिस ने जब कार के अंदर बैठे लोगों से पूछताछ की और गाड़ी की सघन तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर पुलिसवालों के भी होश उड़ गए। कार के अंदर चालक सहित कुल लोग सवार थे, जिनकी पहचान कुनाल उर्फ पिठ्ठू कार चालक, एक बाल अपचारी नाबालिग साथी, चन्दर उर्फ चन्दन पीछे बैठा आरोपी और पीयूष पीछे बैठा आरोपी सभी आरोपी मंडी सीहोर और गंज के राठौर मोहल्ला राममंदिर के पास के रहने वाले हैं। जब पुलिस ने इनके पास रखे बैग, झोलों और ट्रॉली बैग की तलाशी ली, तो उसमें खाकी रंग के टेप से कसकर बांधे गए कई बंडल मिले। जब उन्हें खोलकर और पास जाकर सूंघा गया तो साफ हो गया कि वह भारी मात्रा में अवैध गांजा था। बैग और पन्नी सहित गांजे का कुल वजन 19.969 किलोग्राम था। वहीं शुद्ध गांजे का वजन 15.996 किलोग्राम निकला। इन बदमाशों के पास इस प्रतिबंधित मादक पदार्थ को अपने पास रखने या एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का कोई भी वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने मौके पर ही सारा अवैध गांजा, परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कार और अन्य सामान जब्त कर लिया। इसके बाद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर थाना जावर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
अदालत का फैसला, 6-6 साल की सजा
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से अपनी जांच पूरी की और सभी ठोस सबूतों के साथ चालान न्यायालय में पेश किया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से डीपीओ वंदना परते ने पुख्ता सबूत और मजबूत तर्क रखे। अदालत ने गवाहों के बयानों और अभियोजन के तर्कों से पूरी तरह सहमत होते हुए विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी के माध्यम से तीनों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें 6-6 साल के कड़े कारावास की सजा सुनाई।

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