सरकारी दफ्तरों में अब एआई लिखेगा नोटशीट और ईमेल, सीहोर के कर्मचारी हो रहे हाईटेक

सीहोर। डिजिटल इंडिया के दौर में जिले के सरकारी कार्यालय अब पुरानी कार्यशैली को पीछे छोडक़र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की राह पर चल पड़े हैं। कलेक्ट्रेट स्थित ई.दक्ष केंद्र में सरकारी बाबू और अधिकारी अब फाइलों के ढेर के बीच एआई टूल्स का उपयोग सीख रहे हैं। ई.गवर्नेंस विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना और समय की बचत करना है।
जिले में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की शुरुआत जनवरी 2026 से की गई है। ट्रेनर बबिन मिश्रा ने बताया कि अब तक लगभग 1000 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। विभाग का लक्ष्य है कि अगले पांच महीनों में जिले के 5000 कर्मचारियों को एआई तकनीक में पूरी तरह दक्ष बना दिया जाए। अलग-अलग बैच में चल रहे इस प्रोग्राम में तकनीकी परिचय से लेकर इसके व्यावहारिक उपयोग तक की ट्रेनिंग दी जा रही है।
अब ड्राफ्टिंग और मेल के लिए नहीं करना होगा इंतजार
अभी तक सरकारी कार्यालयों में नोटशीट तैयार करने, ईमेल ड्राफ्ट करने या आधिकारिक पत्र लिखने में काफी समय व्यतीत होता था। हेड ट्रेनर अभिनव मोदी के अनुसार एआई टूल्स के माध्यम से अब पत्र, ईमेल और नोटशीट कुछ ही सेकंड में तैयार हो सकेंगे। फोटो और वीडियो की एडिटिंग और ड्राफ्टिंग अब कर्मचारी खुद कर सकेंगे। इस तकनीक के आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को छोटे-छोटे तकनीकी कार्यों के लिए अपने अधीनस्थों पर निर्भर नहीं रहना होगा।
कार्यक्षमता और पारदर्शिता पर जोर
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्य की उत्पादकता बढ़ाना है। अक्सर मैन्युअल काम के कारण सरकारी फाइलों के निपटारे में देरी होती है, लेकिन एआई की मदद से कम समय में बेहतर और त्रुटिहीन कार्य होगा। यह कदम न केवल दफ्तरों को हाईटेक बनाएगा, बल्कि आम जनता के काम भी तेजी से निपट सकेंगे। निजी क्षेत्र में धूम मचाने वाली यह तकनीक अब सीहोर के प्रशासनिक ढांचे की रीढ बनने को तैयार है।

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