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ईरान-इजराइल युद्ध के बीच माफियाओं ने तलाशा आपदा में अवसर…

जावर पुलिस ने जब्त किया डीजल का जखीरा

सीहोर। दुनिया भर में मंडरा रहे ईरान-इजराइल युद्ध के बाद उत्पन्न हुए वैश्विक संकट का असर अब स्थानीय स्तर पर कालाबाजारी के रूप में दिखने लगा है। एक तरफ जहां युद्ध की आहट से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, वहीं दूसरी ओर ईंधन माफिया इस आपदा में अवसर तलाशने में जुट गए हैं। जिले के जावर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसी ही बड़ी साजिश का भंडाफोड़ करते हुए अवैध डीजल के विशाल जखीरे को जब्त किया है।
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के सख्त निर्देशों के बाद जिले में अवैध भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता मिली है। मुखबिर की सूचना पर जावर थाना प्रभारी हेमंत पांडेय की टीम ने इंदौर-भोपाल रोड पर स्थित एक चद्दर के शेड टपरे पर दबिश दी। पुलिस जब गोदाम के भीतर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। माफियाओं ने वहां 32 छोटे-बड़े ड्रमों में कुल 4825 लीटर अवैध डीजल छिपाकर रखा था। जब्त किए गए इस तेल की बाजार में कीमत करीब 4 लाख रुपये आंकी जा रही है।
एक आरोपी गिरफ्तार, रसूखदार माफिया फरार
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से एक आरोपी दीपसिंह परिहार निवासी जरखी शाजापुर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। हालांकि इस अवैध कारोबार के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे आष्टा निवासी दो रसूखदार आरोपी जुगल जायसवाल और यश जायसवाल अंधेरे का फयदा उठाकर भागने में सफल रहे। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही हैं।
संकट काल में कालाबाजारी की तैयारी
जांच में सामने आया है कि प्रदेश में ईंधन की किल्लत और पंपों पर मची अफरा तफरी का फायदा उठाकर माफिया इस स्टॉक को ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत एवं एसडीओपी आष्टा दामोदर गुप्ता के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि संकट के समय जनता को परेशान कर जेब भरने वाले कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इनकी रही भूमिका
इस बड़ी सफलता में जावर थाना प्रभारी हेमंत पांडेय, उपनिक्षक संतोष विश्वकर्मा, प्रधान आरक्षक जस्सुलाल सोलंकी, आरक्षक नरेंद्र, मनोज, जितेंद्र, सुरेंद्र, अमित, कमलेश और सैनिक संतोष पोरवाल, राहुल, यशवंत व गोपाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस अवैध नेटवर्क की कडिय़ां जोडऩे में जुटी है ताकि मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा जा सके।

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