सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, रेहटी में सिपाही बाबा का उर्स हर्षोल्लास के साथ संपन्न

सीहोर। रेहटी नगर में आपसी भाईचारे और अटूट आस्था का प्रतीक ख्वाजा अमरुद्दीन चिश्ती (सिपाही बाबा) का वार्षिक उर्स पूरी अकीदत के साथ मनाया गया। इस धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर रेहटी की गंगा-जमुनी तहजीब को जीवंत कर दिया, जहां हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर शिरकत की और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया।
उर्स के पावन अवसर पर भव्य चादर शरीफ का जुलूस पत्रकार नरेंद्र यादव के निवास से शुरू हुआ। फूलों और प्रसाद से सजी चादर को लेकर श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते हुए निकले। यह जुलूस वार्ड क्रमांक 9 स्थित कोलार कॉलोनी के दरबार ए हुसैन पहुंचा, जहां से सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंद सिपाही बाबा की दरगाह की ओर रवाना हुए। रास्ते भर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।
अमन-चैन के लिए हुई दुआख्वानी
दरगाह शरीफ पहुंचकर श्रद्धालुओं ने सिपाही बाबा की मजार पर चादर पेश की और अकीदत के फूल चढ़ाए। इस दौरान शाकिर भाई एवं शानू द्वारा फातेहा पढ़ी गई। उपस्थित जनसमूह ने देश, प्रदेश और जिले में शांति, खुशहाली और आपसी प्रेम बना रहे, इसके लिए सामूहिक दुआ मांगी।

हर मुराद होती है पूरी
क्षेत्र में सिपाही बाबा के प्रति गहरी आस्था है। मान्यता है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से मुराद मांगता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। यही कारण है कि इस उर्स में न केवल स्थानीय बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए। इस मौके पर राजेंद्र मीना पटेल नगर परिषद अध्यक्ष, गजराज सिंह चौहान पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष, मंगल सिंह ठाकुर, विष्णु प्रसाद ठाकुर, बनवीर सिंह चंद्रवंशी, सिद्धार्थ मालवीय, गुड्डू पटेल, मुकेश मेहता, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, अजय राव आदि शामिल रहे।

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