
सीहोर। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में खेल कूद और अनौपचारिक शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले की सभी आंगनबाडिय़ों में विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरण और ग्रेजुएशन सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से 5 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा में प्रवेश के लिए तैयार किया जा रहा है।
ग्राम जमोनिया तालाब के आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में कलेक्टर बालागुरु के. स्वयं शामिल हुए। उन्होंने नन्हे-मुन्ने बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र प्रदान किए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कलेक्टर ने कहा कि यह पहल प्रारंभिक शिक्षा को एक नई पहचान देगी। राज्य में पहली बार इस तरह का नवाचार किया जा रहा है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक यात्रा में निरंतरता आएगी।
ड्रॉपआउट कम करने में मिलेगी मदद
कलेक्टर बालागुरु के. ने जोर देते हुए कहा कि विद्यारंभ प्रमाण पत्र मिलने से समुदाय में आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति विश्वास और जन-भागीदारी बढ़ेगी। इससे बच्चों का स्कूल के प्रति जुड़ाव मजबूत होगा, जिससे भविष्य में स्कूल छोडऩे वाले बच्चों की दर को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।
नवाचार के पीछे का उद्देश्य
जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्ञानेश खरे ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों का अनौपचारिक शिक्षा से औपचारिक स्कूली प्रणाली में सुगम प्रवेश सुनिश्चित करना है। इस अभियान के माध्यम से परिवारों और समाज को शाला पूर्व शिक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस पुनीत कार्य में अजीम प्रेमजी फाउंडेशनए रॉकेट लर्निंग और पीरामल फाउंडेशन जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं भी अपना सहयोग दे रही हैं। कार्यक्रम के दौरान महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे, जिन्होंने इस नई पहल की सराहना की।